क्या भारतीय ट्रेन में विदेशी महिला की सुरक्षा पर सवाल उठता है? इनेस फारिया की कहानी
भारत की मेहमाननवाजी पर सवाल
नई दिल्ली: भारत को उसकी अतिथि देवो भव: की परंपरा और मेहमाननवाजी के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले विदेशी पर्यटक अक्सर भारतीय संस्कृति और लोगों की गर्मजोशी की प्रशंसा करते हैं। लेकिन जब एक विदेशी महिला को इस देश में असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, तो यह समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। हाल ही में एक विदेशी ट्रैवल व्लॉगर के साथ भारतीय ट्रेन में हुई घटना ने महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से बहस छेड़ दी है।
इनेस का अनुभव
इनेस ने इंस्टाग्राम पर साझा किया वीडियो
विदेशी ट्रैवल व्लॉगर इनेस फारिया, जो भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करती हैं, ने हाल ही में एक परेशान करने वाली घटना का खुलासा किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें बताया कि 3AC कोच में यात्रा करते समय उन्हें कुछ युवकों की हरकतों से असहजता महसूस हुई।
इनेस ने कहा कि यात्रा के दौरान उनकी सीट के सामने 4-5 लड़कों का एक समूह बैठ गया। उनमें से एक युवक लगातार उन्हें घूर रहा था, जबकि अन्य भी बार-बार अपनी सीट बदलकर उनकी तरफ देख रहे थे। इस स्थिति ने उन्हें डर और असुरक्षा का अनुभव कराया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब इनेस ने दूसरे कोच के वॉशरूम की ओर जाने का निर्णय लिया। उनका आरोप है कि उनमें से एक युवक उनके पीछे-पीछे वहां तक पहुंच गया। इनेस ने बताया कि जब वह वॉशरूम में थीं, तब उस युवक ने दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन उसी समय उनका दोस्त वहां पहुंच गया, जिसने युवक की हरकत को देख लिया। इसके बाद स्थिति को संभाल लिया गया।
रेलवे स्टाफ से शिकायत
इनेस ने रेलवे स्टाफ से की शिकायत
घटना के तुरंत बाद, इनेस और उनके दोस्त ने रेलवे स्टाफ से शिकायत की। रेलवे अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और उन्हें 3AC से 2AC कोच में स्थानांतरित कर दिया। इनेस ने रेलवे कर्मचारियों की मदद की सराहना की, यह कहते हुए कि स्टाफ ने समय पर उनकी सहायता की, जिससे उन्हें सुरक्षित महसूस हुआ।
इनेस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो पर बड़ी संख्या में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई भारतीय महिलाओं ने भी टिप्पणी की है कि सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षित महसूस करना उनके लिए कोई नई बात नहीं है। कुछ लोगों ने इसे महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है।