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क्या रोजाना शराब पीना सुरक्षित है? जानें एक्सपर्ट की राय

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग तनाव कम करने के लिए शराब का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या रोजाना शराब पीना सुरक्षित है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शराब की कोई भी मात्रा पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इस लेख में जानें कि पुरुषों और महिलाओं के लिए शराब की सीमाएं क्या हैं, शराब का असर कितने समय तक रहता है, और रोजाना शराब पीने के दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं।
 

शराब का सेवन: क्या यह सुरक्षित है?


नई दिल्ली: आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में कई लोग तनाव कम करने, दोस्तों के साथ समय बिताने या मूड को बेहतर बनाने के लिए शराब का सहारा लेते हैं। हालांकि, कुछ लोग मानते हैं कि रोजाना थोड़ी मात्रा में शराब पीने से कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन क्या यह सच है? इस सवाल का उत्तर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरल भाषा में दिया है।


विशेषज्ञों के अनुसार, शराब की कोई भी मात्रा पूरी तरह से सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, शराब का सेवन न करना सबसे अच्छा विकल्प है। फिर भी, कुछ अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, सीमित मात्रा में शराब का सेवन अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला हो सकता है।


महिलाओं और पुरुषों के लिए शराब की सीमाएं

विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों के लिए एक दिन में अधिकतम दो पैग यानी लगभग 28 ग्राम अल्कोहल और महिलाओं के लिए एक पैग यानी लगभग 14 ग्राम अल्कोहल का सेवन उचित माना जाता है। इसे विभिन्न पेय पदार्थों के अनुसार समझें तो एक ड्रिंक लगभग 330 मिलीलीटर बीयर, 150 मिलीलीटर वाइन या 30 मिलीलीटर व्हिस्की या रम के बराबर होती है। इससे अधिक शराब का सेवन करने पर शरीर अल्कोहल को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं।


शराब का असर और उसकी अवधि

शराब का प्रभाव हर व्यक्ति पर भिन्न हो सकता है। यह उम्र, वजन, पेट की स्थिति और शराब के प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्यतः एक पैग का असर 1.5 से 3 घंटे तक रह सकता है। वहीं, 3 से 4 पैग पीने पर इसका प्रभाव 6 से 8 घंटे तक महसूस किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति 5 या उससे अधिक पैग पीता है, तो नशे और हैंगओवर का असर अगले दिन तक भी रह सकता है। खाली पेट या कम समय में अधिक शराब पीने से यह प्रभाव और बढ़ जाता है।


रोजाना शराब पीने के दुष्प्रभाव

डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना शराब पीने की आदत शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, याददाश्त, निर्णय लेने की क्षमता और एकाग्रता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नियमित रूप से अधिक शराब पीने से हृदय रोग और शराब की लत लगने का जोखिम भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता है, तो उसे इसे सीमित मात्रा में करना चाहिए और रोजाना सेवन से बचना चाहिए। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, शराब से दूरी बनाए रखना सबसे सुरक्षित विकल्प है।