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क्या सोते समय भी बर्न होती हैं कैलोरी? जानें नींद के दौरान ऊर्जा खर्च करने के तरीके

क्या आप जानते हैं कि सोते समय भी आपका शरीर कैलोरी बर्न करता है? एक सामान्य वयस्क व्यक्ति नींद में 350 से 400 कैलोरी खर्च कर सकता है। यह संख्या व्यक्ति के मेटाबॉलिज्म, मांसपेशियों की मात्रा और नींद की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे आप अपनी नींद के दौरान कैलोरी बर्न बढ़ा सकते हैं, जैसे कि संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और सोने का समय निर्धारित करना। जानें और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं!
 

नींद के दौरान कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया


नई दिल्ली: बहुत से लोग मानते हैं कि बिस्तर पर जाने के बाद शरीर पूरी तरह से आराम करता है और कैलोरी जलना रुक जाता है। लेकिन असलियत यह है कि सोते समय भी हमारा शरीर कई महत्वपूर्ण कार्य करता है, जैसे कि सांस लेना, दिल की धड़कन, कोशिकाओं की मरम्मत और मस्तिष्क की गतिविधियां। इन सभी प्रक्रियाओं में ऊर्जा की खपत होती है, जिसका अर्थ है कि नींद के दौरान भी कैलोरी का उपयोग होता है।


एक सामान्य वयस्क व्यक्ति आठ घंटे की नींद में लगभग 350 से 400 कैलोरी बर्न कर सकता है। यह आंकड़ा हर व्यक्ति के लिए भिन्न हो सकता है। जिनका मांसपेशियों का द्रव्यमान अधिक होता है या जिनका मेटाबॉलिज्म तेज होता है, वे 450 से 500 कैलोरी तक भी बर्न कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आराम की स्थिति में भी शरीर ऊर्जा का उपयोग करता है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि नींद में बर्न होने वाली कैलोरी आपकी कुल शारीरिक गतिविधियों का केवल एक हिस्सा है। पूरे दिन की गतिविधियां, आहार और जीवनशैली भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


कैलोरी बर्न करने के कारक


सोते समय कितनी कैलोरी खर्च होगी, यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे शरीर का वजन, मेटाबॉलिज्म की गति, मांसपेशियों की मात्रा, नींद की गुणवत्ता और दिनभर की शारीरिक गतिविधि। यदि आपका शरीर सक्रिय है और मांसपेशियां मजबूत हैं, तो आराम के समय भी ऊर्जा की खपत अधिक होगी।


नींद में कैलोरी बर्न बढ़ाने के उपाय


संतुलित आहार लें- यह जरूरी नहीं कि रात 8 बजे के बाद खाना खाने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप क्या खा रहे हैं। हल्का और संतुलित भोजन लेने से शरीर बेहतर तरीके से काम करता है।


नियमित व्यायाम करें- प्रतिदिन व्यायाम करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है। विशेषकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या मांसपेशियों को बढ़ाने वाले वर्कआउट से आराम के समय भी अधिक कैलोरी बर्न होती है।


कैफीन से बचें- सोने से पहले चाय, कॉफी या अन्य कैफीन युक्त चीजें लेने से नींद प्रभावित हो सकती है। अच्छी नींद नहीं होने पर शरीर की ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।


सोने और जागने का समय निर्धारित करें- हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी संतुलित रहती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।


स्क्रीन टाइम कम करें- सोने से पहले मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर का उपयोग कम करें। इनसे निकलने वाली रोशनी नींद की लय को बिगाड़ सकती है।


क्या नींद में फैट भी बर्न होता है?


जब शरीर नींद में कैलोरी खर्च करता है, तो ऊर्जा का स्रोत कभी फैट हो सकता है और कभी कार्बोहाइड्रेट। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने दिनभर क्या खाया और कितनी गतिविधि की। कुल मिलाकर, बेहतर मांसपेशियों का द्रव्यमान, संतुलित आहार और अच्छी नींद वजन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


नींद केवल आराम का समय नहीं है, बल्कि यह शरीर के लिए मरम्मत और संतुलन का समय भी है। सही जीवनशैली अपनाकर आप नींद के दौरान भी अपने शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, केवल सोने से वजन कम नहीं होगा, लेकिन अच्छी नींद स्वस्थ जीवन का एक मजबूत आधार जरूर है।