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खान-पान के कारण हृदय रोगों में वृद्धि: अध्ययन के निष्कर्ष

हाल के अध्ययन में यह सामने आया है कि खान-पान की आदतें हृदय रोगों में वृद्धि का मुख्य कारण बन रही हैं। 2023 में 59.1 लाख लोगों की मौत सोडियम युक्त खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन और फलों तथा साबुत अनाज की कमी के कारण हुई। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि पुरुषों को महिलाओं की तुलना में अधिक आहार संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जानें इस अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव।
 

स्वास्थ्य पर खान-पान का प्रभाव

हमारा आहार हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। खराब जीवनशैली के चलते बच्चों में भी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। हाल ही में एक अध्ययन में यह सामने आया है कि 2023 में 59.1 लाख लोग हृदय रोगों के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, जो मुख्यतः सोडियम युक्त खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन और फलों तथा साबुत अनाज की कमी के कारण हुआ।


अध्ययन का विवरण

चीन के बीजिंग चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी 2023' के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें 33 वर्षों के दौरान 13 आहार संबंधी जोखिम कारकों का मूल्यांकन किया गया।


खान-पान के कारण हृदय रोगों से हुई मौतें

खान-पान से संबंधित हृदय रोगों के कारण होने वाली मौतों की संख्या चीन में 13.6 लाख और भारत में 11.1 लाख थी। 'इनोवेशन न्यूट्रिशन' पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ है कि 'इस्केमिक' हृदय रोग और 'स्ट्रोक' खराब खान-पान के मुख्य परिणाम हैं।


पुरुषों में अधिक जोखिम

अध्ययन में यह भी पाया गया कि लगभग सभी क्षेत्रों में पुरुषों को महिलाओं की तुलना में आहार संबंधी समस्याओं का अधिक सामना करना पड़ा। बीजिंग चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के बिग डेटा सेंटर के शोधकर्ता गुओशुआंग फेंग ने कहा, 'हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि आहार की गुणवत्ता में सुधार वैश्विक हृदय रोग निवारण का एक महत्वपूर्ण पहलू होना चाहिए।'


स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभाव

फेंग ने यह भी कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन कुल मिलाकर यह समस्या बहुत बड़ी है। शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया कि वैश्विक स्तर पर, सोडियम का अधिक सेवन हृदय रोगों का एक प्रमुख कारण है, इसके बाद फलों और साबुत अनाज की कमी वाले आहार का स्थान है, जिसके चलते कई लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।