गणेश चतुर्थी पर उकडीचे मोदक बनाने की सरल विधि
गणेश चतुर्थी का पर्व
इस वर्ष गणेश चतुर्थी का उत्सव 14 सितंबर 2026, सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर भक्तजन अपने घरों में भगवान गणेश का स्वागत करते हैं और उन्हें स्थापित करते हैं। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए भक्त मोदक बनाते हैं, जो कि उनकी प्रिय भोग है।
उकडीचे मोदक बनाने की चुनौतियाँ
हालांकि, असली भोग उकडीचे मोदक का ही होता है। ये मोदक न केवल देखने में आकर्षक होते हैं, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब होते हैं। लेकिन इन्हें बनाना थोड़ा कठिन हो सकता है। यदि आप पहली बार बना रहे हैं, तो आपको आटे को शेप देते समय कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। कभी-कभी आटा किनारों से फटने लगता है या भरावन डालने के बाद मोदक ठीक से बंद नहीं होता। आइए जानते हैं आटा तैयार करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
उकडीचे मोदक का आटा कैसे बनाएं?
यदि आप इस बार उकडीचे मोदक बनाने की योजना बना रहे हैं, तो आटा बनाते समय यह सुनिश्चित करें कि उसमें गांठें न हों और आटा अच्छी तरह पककर नरम हो जाए। इसके लिए चावल के आटे को गर्म पानी में डालकर अच्छे से मिलाएं। जब आटा पानी के साथ मिल जाए और हलवा जैसा दिखने लगे, तो इसे कुछ समय के लिए ढककर रख दें। जब आटा ठंडा हो जाए, तो इसे अच्छे से गूंथ लें। ध्यान रखें कि जब आप पानी गर्म करें, तो उसमें एक चम्मच घी डालना न भूलें।
आटा गूंथने की सरल विधि
आटा गूंथते समय अपने हाथों पर थोड़ा घी लगाएं और इसे अच्छी तरह से मसलें। इससे आटा अधिक नरम और चिकना हो जाएगा। जब आप मोदक बनाने के लिए आटे को फैलाएंगे, तो यह आसानी से फैलेगा और किनारों पर दरारें नहीं आएंगी।
उकडीचे मोदक का आटा कैसा होना चाहिए?
उकडीचे मोदक बनाने के लिए आटा न तो बहुत सूखा होना चाहिए और न ही इतना गीला कि हाथों में चिपक जाए। यदि आटा सूखा रहेगा, तो इसे फैलाते समय दरारें आ सकती हैं और मोदक फट सकता है। इसलिए आटे को अच्छे से गूंथना आवश्यक है।
मोदक बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
जब आटा तैयार हो जाए, तो मोदक बनाते समय इसे खुला न छोड़ें। जितना आटा चाहिए, उतना ही लें। इससे आटा जल्दी सूखेगा नहीं। अब छोटी लोई लें और इसे हाथ से धीरे-धीरे फैलाएं। इसे ज्यादा पतला करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आटा फैलाते समय किनारे सूखे या फटे हुए दिखें, तो उसे दोबारा नरम कर लें। फिर भरावन रखकर भाप में पका लें।