गणेश चतुर्थी पर बनाएं ईको-फ्रेंडली गणपति: आसान तरीका जानें
गणेश चतुर्थी का महत्व
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को सबसे पहले पूजा जाने वाला देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या अनुष्ठान की शुरुआत गणपति के नाम से होती है। हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है, जिसमें भक्त 10 दिनों तक बप्पा की पूजा करते हैं। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन घरों में गणपति की मूर्ति स्थापित कर पूजा की जाती है। यदि आप इस बार बाजार से मूर्ति खरीदने के बजाय खुद से ईको-फ्रेंडली गणपति बनाना चाहते हैं, तो यहां एक सरल तरीका बताया गया है।
ईको-फ्रेंडली गणपति बनाने की सामग्री
गणपति की मूर्ति बनाने के लिए आपको चिकनी मिट्टी, थोड़ा पानी, मूर्ति को आकार देने के लिए टूल्स और एक लकड़ी का चौकोर या गोल आधार चाहिए। लकड़ी का आधार मूर्ति से थोड़ा बड़ा होना चाहिए। इसे अच्छी तरह साफ करके समतल जगह पर रखें।
घर पर गणपति कैसे बनाएं
शुरुआत में मिट्टी का एक हिस्सा लें और उसे अच्छी तरह गूंथकर गोल गेंद का आकार दें। फिर इसे नीचे से चौड़ा और ऊपर से पतला करते हुए नाशपाती जैसा आकार दें। तैयार हिस्से को लकड़ी के आधार पर रखें। अब थोड़ी और मिट्टी लेकर एक छोटी गेंद बनाएं और इसे शरीर के ऊपर रखकर सिर का आकार दें।
सूंड बनाने के लिए मिट्टी का एक छोटा टुकड़ा लें और इसे सिर के बीच में जोड़ें। पानी और मूर्ति बनाने वाले टूल्स की मदद से इसे सही आकार देते हुए जोड़ को चिकना कर दें। कान बनाने के लिए मिट्टी के दो छोटे हिस्से लें और इन्हें पान के पत्ते जैसा आकार देते हुए नीचे की ओर थोड़ा लंबा करें और दोनों तरफ सिर के पास जोड़ दें।
अब पैरों की बारी है। इसके लिए मिट्टी के दो टुकड़े लें और उन्हें अंडाकार आकार दें। नीचे के हिस्से को थोड़ा मोड़कर पंजे जैसा आकार बनाएं। पानी की मदद से दोनों पैरों को मूर्ति के नीचे अच्छी तरह चिपका दें। इसके बाद मिट्टी से दोनों हाथ तैयार करें। एक हाथ को आशीर्वाद देने की मुद्रा में रखें, जबकि दूसरे हाथ को मोदक पकड़ने के लिए आकार दें।
आंखें बनाने के लिए गीली मिट्टी के छोटे-छोटे हिस्से लें और उन्हें सही जगह पर लगाएं। मुकुट के लिए मिट्टी के छोटे टुकड़ों को रोल करके तैयार करें और उन्हें सिर के ऊपर सजाते हुए जोड़ें। अब मोदक बनाने के लिए मिट्टी की एक छोटी गेंद बनाएं और टूल्स की मदद से उस पर हल्की धारियां बनाकर मोदक का आकार दें। इसे गणपति के हाथ में सावधानी से रख दें।
सूखने के बाद सजावट
मूर्ति तैयार होने के बाद उसे सूखने का समय दें। जब मिट्टी पूरी तरह सूख जाए, तब अपनी पसंद के सुंदर और प्राकृतिक रंगों से गणपति की मूर्ति को सजाएं। इस तरह घर पर तैयार किए गए ईको-फ्रेंडली बप्पा की पूजा कर सकते हैं।