गर्मी में काम करने वालों के लिए सुरक्षा उपाय
गर्मी से बचने के उपाय
दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है। सुबह की तेज धूप और दोपहर की झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग विभिन्न उपाय कर रहे हैं।
इस समय सबसे अधिक कठिनाई मजदूरों, रैपिडो चालकों और ठेले पर काम करने वालों को हो रही है। ये लोग अधिकतर समय धूप में बिताते हैं, जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। आइए जानते हैं कि बाहर काम करने वाले लोग गर्मी से कैसे बच सकते हैं।
बाहर काम करने वाले गर्मी से कैसे बचें?
पर्याप्त पानी पिएं
गर्मी में लोगों की तबीयत खराब होने का मुख्य कारण कम पानी पीना होता है। इस मौसम में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक या लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बाहर काम करने वालों को अधिक पानी पीना चाहिए। पानी के अलावा, शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए छाछ, जूस या ओआरएस का सेवन करें। बाजार में एक पैकेट छाछ या लस्सी 10 रुपये में मिल जाता है, जबकि 20 से 30 रुपये में जूस का एक मीडियम ग्लास उपलब्ध है। पानी की कमी महसूस होने पर ओआरएस का सेवन करें।
गर्मी के मौसम में सुबह के नाश्ते में सत्तू का ड्रिंक लेना फायदेमंद होता है। सत्तू में प्रोटीन होता है, जो सेहत के लिए लाभकारी है। बाहर भी सत्तू का एक ग्लास 20 रुपये में आसानी से मिल जाता है।
रैपिडो बाइक और ऑटो चालक अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें। हर घंटे थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। तेज धूप में बाइक चलाते समय अपने हाथों को दस्ताने से ढकें ताकि सूरज की हानिकारक किरणों से बच सकें।
हल्का भोजन करें
गर्मी में पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं, इसलिए हल्का भोजन करें। खाने में खीरा और टमाटर का सलाद शामिल करें। सलाद शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है।
मौसमी फल खाएं
गर्मी में तरबूज, खीरा और खरबूज जैसे मौसमी फलों का सेवन करें। ये फल न केवल सस्ते हैं, बल्कि इनमें पानी की भरपूर मात्रा होती है।
गमछा या टोपी पहनें
गर्मी से बचने के लिए टोपी पहनें या सिर पर गमछा बांधें। इससे आप सीधे धूप के संपर्क में नहीं आएंगे और गमछा आपको धूप से बचाने में मदद करेगा।
दोपहर में आराम करें
दोपहर में काम के बाद थोड़ी देर का ब्रेक लें ताकि आपकी सेहत ठीक रहे। अत्यधिक गर्मी में काम करने से बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
हर साल हीट स्ट्रोक के कारण कई लोगों की मौतें होती हैं, जिसका मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है। पिछले वर्ष 84 लोगों की मौत हीट स्ट्रोक के कारण हुई थी। इस मौसम में अस्पतालों में हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।