गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय और सावधानियाँ
गर्मी में डिहाइड्रेशन का खतरा
गर्मियों में तापमान के बढ़ने से शरीर में पानी की कमी, जिसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है, का खतरा बढ़ जाता है। यदि शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता है, तो यह रक्त संचार और दिल की धड़कनों को प्रभावित कर सकता है। जब शरीर में तरल पदार्थ की कमी होती है, तो रक्त भी गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्मोनल संतुलन में भी गड़बड़ी आ सकती है। इसके परिणामस्वरूप, रक्तचाप (BP) अचानक बढ़ सकता है। यदि आप उच्च रक्तचाप या हृदय संबंधी समस्याओं से ग्रस्त हैं, तो डिहाइड्रेशन आपके लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है।
डिहाइड्रेशन क्या है?
डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स, जैसे सोडियम और पोटेशियम की कमी हो जाती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब व्यक्ति अधिक पसीना बहाता है, उल्टी या दस्त से ग्रस्त होता है, बुखार होता है, या पर्याप्त पानी नहीं पीता है। गर्म मौसम, भारी शारीरिक गतिविधियाँ और लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
डिहाइड्रेशन का रक्तचाप पर प्रभाव
- डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में रक्त का मात्रा कम हो जाता है, जिससे कुछ मामलों में रक्तचाप घट सकता है।
- इसके बाद, शरीर एक हार्मोनल प्रतिक्रिया शुरू करता है।
- डिहाइड्रेशन के कारण रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
किसे डिहाइड्रेशन का अधिक खतरा है?
- उच्च रक्तचाप के रोगी
- हृदय रोगी
- मधुमेह के मरीज
- वृद्ध लोग
- छोटे बच्चे
- एथलीट
- बाहरी कार्य करने वाले लोग
गर्मी में सावधानियाँ
- नियमित रूप से रक्तचाप की निगरानी करें।
- पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- तेज धूप में लंबे समय तक न रहें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएँ लें।
- नमक और कैफीन का सेवन सीमित करें।
- हल्का और संतुलित भोजन करें।
- चक्कर, कमजोरी या तेज दिल की धड़कन महसूस होने पर आराम करें।
- आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
डिहाइड्रेशन के लक्षणों पर क्या करें?
- यदि लू या अत्यधिक गर्मी लगती है, तो व्यक्ति को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएँ और आराम से लिटा दें।
- उसके पैरों को ऊँचा रखें ताकि रक्त संचार सही हो सके।
- पानी एकदम से न पिलाएँ, बल्कि ओआरएस या नमक-चीनी का घोल धीरे-धीरे दें।
- शरीर का तापमान अधिक होने पर सिर और गर्दन पर ठंडी पट्टियाँ रखें।
- यदि व्यक्ति बेहोश हो जाए या पीने की स्थिति में न हो, तो तुरंत अस्पताल ले जाएँ।