गर्मी में पौधों की देखभाल: तरबूज के छिलकों से बनाएं प्राकृतिक खाद
गर्मी में पौधों की देखभाल
इस समय भारत में गर्मी का प्रकोप चरम पर है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस भीषण गर्मी में पेड़-पौधों की स्थिति भी खराब हो जाती है। कई लोग सुबह और शाम पौधों में पानी डालते हैं, फिर भी उन्हें शिकायत रहती है कि उनके पौधे मुरझा रहे हैं या जल रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि गर्म हवाओं के चलते गमले की मिट्टी तेजी से सूख जाती है, जिससे पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या जल जाती हैं। इससे कुछ पौधों की वृद्धि भी प्रभावित होती है.
पौधों की नमी बनाए रखने के उपाय
गर्मी में केवल पौधों को पानी देना ही पर्याप्त नहीं है। आपको कुछ उपाय करने होंगे ताकि गमले की मिट्टी में नमी बनी रहे। आइए जानते हैं कि कौन-सी चीजें गमलों में डालें जिससे मिट्टी में नमी बनी रहे.
तरबूज के छिलकों से खाद कैसे बनाएं?
अधिकतर लोग तरबूज खाने के बाद इसके छिलकों को फेंक देते हैं, लेकिन इन्हीं छिलकों से आप घर पर प्राकृतिक खाद बना सकते हैं। दरअसल, तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो मिट्टी को सूखने से रोकती है.
खाद बनाने की प्रक्रिया
तरबूज के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटें। ध्यान रखें कि लाल गूदा ज्यादा न गला हो, वरना इसमें जल्दी फंगस लग सकता है। इन टुकड़ों को एक से दो दिनों तक धूप में सुखाएं, ताकि पानी सूख जाए और बदबू न आए.
खाद बनाने का तरीका
एक बाल्टी या पुराने डिब्बे में मिट्टी डालें और उसमें तरबूज के छिलकों के टुकड़े मिलाएं। आप इसमें सूखे पत्ते या थोड़ी पुरानी मिट्टी भी मिला सकते हैं। इसे ढककर 10 से 15 दिनों के लिए छोड़ दें और बीच-बीच में चलाते रहें ताकि खाद अच्छी तरह तैयार हो जाए.
मिट्टी में खाद का उपयोग
इस तैयार खाद को गमले की ऊपर वाली मिट्टी में हल्का-हल्का मिला दें। ध्यान रखें कि इसे ज्यादा अंदर तक दबाने की आवश्यकता नहीं है। जब आप खाद मिलाते हैं, तो ऊपर से आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी डाल दें। इससे मिट्टी में अधिक समय तक नमी बनी रहेगी.