गर्मी में फर्मेंटेड फूड के सेवन से बचें: जानें कारण और उपाय
गर्मी में फर्मेंटेड फूड का सेवन
सुबह के नाश्ते में इडली, डोसा और वड़ा का सेवन लोगों को बहुत पसंद है। ये खाद्य पदार्थ पाचन के लिए अच्छे माने जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में ये जल्दी खराब हो सकते हैं? इसलिए इन्हें ताजा बनाकर ही खाना चाहिए। हाल ही में, बेंगलुरु के देवनहल्ली क्षेत्र में एक निजी कंपनी के लगभग 97 कर्मचारी ऑफिस की कैंटीन में खाना खाने के बाद बीमार हो गए। इन सभी ने नाश्ते में इडली, वड़ा और सांभर-चावल का सेवन किया था।
बीमार होने के लक्षण
जिन कर्मचारियों ने नाश्ते और लंच में ये खाद्य पदार्थ खाए थे, उन्हें पेट में तेज दर्द, उल्टी और दस्त की समस्या का सामना करना पड़ा। सभी कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं थी। सभी अब ठीक हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि गर्मियों में फर्मेंटेड फूड को खराब होने से कैसे बचाया जा सकता है।
गर्मी में फर्मेंटेड फूड खराब होने के कारण
फर्मेंटेड फूड में यीस्ट, बैक्टीरिया और फंगस जैसे सूक्ष्मजीव होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से शुगर और स्टार्च को एसिड, गैस और अल्कोहल में बदलते हैं। इस प्रक्रिया के कारण फर्मेंटेड फूड लंबे समय तक खराब नहीं होते हैं और इनमें स्वाद और पोषण भी होता है। लेकिन गर्मियों में ये जल्दी खराब हो जाते हैं।
जल्दी फर्मेंटेशन: गर्मियों में उच्च तापमान और आर्द्रता के कारण फर्मेंटेशन की प्रक्रिया तेजी से होती है। यदि आप फर्मेंटेड फूड को लंबे समय तक छोड़ देते हैं, तो ओवर फर्मेंटेशन के कारण ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
खराब होने का खतरा: लंबे समय तक फर्मेंटेशन के लिए छोड़ने पर बैक्टीरिया और यीस्ट की वृद्धि होती है, जिससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
खराब पानी का उपयोग: यदि फर्मेंटेशन के लिए नल का पानी इस्तेमाल किया जाता है, तो बैक्टीरिया की वृद्धि का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, फ्लिटर वाटर या मीठे पानी का उपयोग करना बेहतर है।
फर्मेंटेड फूड को सुरक्षित रखने के उपाय
- हवा से बचाने के लिए एयरटाइट कंटेनर का उपयोग करें।
- ठंडा तापमान फर्मेंटेशन की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।
- ओवर फर्मेंटेशन से बचें।
- 2 दिन से अधिक स्टोर न करें।
- ताजा खाना हमेशा बेहतर होता है।
FSSAI की गाइडलाइन
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2011 के तहत फर्मेंटेड उत्पादों के लिए सख्त नियम बनाए हैं।
- फर्मेंटेड दूध के उत्पादों में कम से कम 2.9% मिल्क प्रोटीन होना चाहिए और लैक्टिक एसिड के रूप में कम से कम 0.45% एसिडिटी होनी चाहिए।
- फर्मेंटेड सोयाबीन में ट्रिप्सिन इनहिबिटर का उपयोग नहीं होना चाहिए।
- सभी खाद्य पदार्थों में एफएसएसएआई के शेड्यूल 4 के तहत साफ-सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है।