गर्मी में बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक टिप्स
गर्मी से बच्चों की सुरक्षा
दिल्ली और अन्य राज्यों में इस समय अत्यधिक गर्मी का सामना किया जा रहा है, जिससे लोगों की स्थिति काफी खराब हो गई है। इस चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए लोग कई उपाय कर रहे हैं। खासकर बच्चों को इस मौसम में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। माता-पिता को हमेशा चिंता रहती है कि उनके बच्चे स्कूल जाते समय या खेलने के दौरान लू से प्रभावित न हों।
यदि आप अपने बच्चे को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो यहां कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं। बच्चे वयस्कों की तरह अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन एंड एजुकेशन फंड (UNICEF) के अनुसार, बच्चों में पसीना निकालने वाली ग्रंथियों की संख्या कम होती है और उनका मेटाबॉलिज्म भी तेज होता है। इस कारण से, बच्चे गर्म मौसम को सहन करने में कठिनाई महसूस करते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है, जो जानलेवा हो सकता है। इसलिए, बच्चों को हाइड्रेटेड रखना बेहद आवश्यक है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, गर्मी के कारण बच्चों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस मौसम में माता-पिता को अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके अलावा, तरबूज, खीरा, स्ट्रॉबेरी और संतरे जैसे मौसमी फलों का सेवन कराएं, क्योंकि इनमें पानी की भरपूर मात्रा होती है।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
- थकान महसूस होना
- चक्कर आना
- सिरदर्द
- ज्यादा पसीना आना
- इरिटेशन
- मुंह सूखना
- बार-बार प्यास लगना
शरीर को ठंडा रखने के उपाय
बच्चों के शरीर के तापमान को सामान्य रखने के लिए पंखे का उपयोग करें।
ठंडे पानी से स्नान कराएं।
हल्के कपड़े पहनाएं।
गर्दन और कलाई को गीले कपड़े से पोछें।
बच्चों को घर के अंदर ही रखें।
धूप से बचाव के उपाय
बच्चों को धूप में बाहर जाने से रोकें। यदि बच्चा 6 महीने से छोटा है, तो उसे सूरज की किरणों से दूर रखें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- छांव वाली जगह पर जाएं।
- अपने बच्चे को कपड़े से ढककर रखें।
- सनस्क्रीन लगाएं।
- घर से बाहर निकलते समय टोपी पहनाएं।
- सुबह या दोपहर के बाद बच्चों को बाहर जाने दें।