गर्मी में योगाभ्यास: ठंडक और स्वास्थ्य के लिए सरल उपाय
गर्मी के मौसम में योग का महत्व
नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती गर्मी और तापमान के कारण आम जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन, लू लगने और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और योग प्रशिक्षकों का मानना है कि इस कड़ी धूप और गर्मी में स्वस्थ, ठंडा और ऊर्जावान रहने के लिए नियमित योगाभ्यास सबसे सरल और प्राकृतिक उपाय है। चिकित्सकों का कहना है कि योग न केवल शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि गर्मी के कारण होने वाले मानसिक तनाव और चिड़चिड़ेपन को भी कम करता है।
शीतलता प्रदान करने वाले प्राणायाम
योग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में भारी व्यायाम के बजाय शीतलता देने वाली क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस संदर्भ में शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम, भ्रामरी और शवासन जैसे योग महत्वपूर्ण हैं।
प्राणायाम की विधियाँ
शीतली प्राणायाम: इस प्राणायाम में जीभ को मोड़कर सांस अंदर खींचा जाता है, जिससे शरीर का तापमान तुरंत कम होता है और पित्त शांत होता है।
शीतकारी प्राणायाम: इसमें दांतों के बीच से ठंडी हवा खींची जाती है, जिससे मुंह के सूखेपन और प्यास से राहत मिलती है।
भ्रामरी और शवासन: ये योग मानसिक शांति के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। शवासन से शरीर की थकान दूर होती है और रक्तचाप सामान्य रहता है।
योग का सही समय और आसन
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दोपहर की धूप या गर्म माहौल में योग करने से बचना चाहिए। योग का सबसे उपयुक्त समय सुबह की ठंडी हवा या शाम का समय है। इस मौसम में ताड़ासन, वृक्षासन और बालासन जैसे हल्के स्ट्रेचिंग वाले आसनों का अभ्यास करने की सलाह दी गई है। आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, योग का पूरा लाभ खानपान में बदलाव के साथ ही मिलेगा। गर्मियों में फ्रिज के ठंडे पानी के बजाय घड़े के पानी को प्राथमिकता दें। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और पुदीने का रस का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो। इसके अलावा तरबूज, खीरा, ककड़ी और लौकी जैसी पानी से भरपूर सब्जियों का सेवन करें। तीखे, मसालेदार और तले-भुने भोजन से परहेज करें।
निष्कर्ष
स्वास्थ्य मंत्रालय और योग विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, आपके जीवनशैली में यह छोटा सा बदलाव आपको बिना किसी दवाई के लू और गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रख सकता है। इस मौसम में नियमित रूप से 20 से 30 मिनट का योग आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है।