गिलोय: स्वास्थ्य लाभ और रोगों में उपयोग
गिलोय के फायदे
(हेल्थ कार्नर) :- आयुर्वेद में गिलोय, जिसे अमृता भी कहा जाता है, का उपयोग विभिन्न बीमारियों के उपचार में किया जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। आइए, इसके फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं:
कैंसर: गिलोय का सेवन कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने में मदद करता है और इम्युनिटी को बढ़ाता है। सुबह-शाम भूखे पेट 20 से 50 मिली रस लेने से पाचन में सुधार और रक्त कणिकाओं की कमी को दूर किया जा सकता है।
किडनी: किडनी की समस्याओं में रोजाना एक चम्मच गिलोय रस का सेवन फायदेमंद होता है। महिलाएं यूरिन में जलन के लिए गिलोय के साथ पुनर्नवा, गोखरू और वरूण की छाल का चूर्ण ले सकती हैं।
हड्डी टूटने पर: प्लास्टर के साथ गिलोयवटी या समसमनीवटी गोली लेने से टूटी हड्डी जल्दी जुड़ती है।
सोरायसिस: गिलोय के पत्तों का लेप प्रभावित स्थान पर नियमित रूप से लगाने से लाभ होता है। इसके साथ कुटकी, कुटज, मंजिष्ठा और नीम की गोलियां भी ली जा सकती हैं।
वायरल इंफेक्शन: इस स्थिति में लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे भूख कम लगती है या पेट में भारीपन महसूस होता है। गिलोय बेल और तुलसी के पत्तों का काढ़ा इस समस्या में सहायक होता है।