चकराता यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
चकराता की यात्रा: एक अनोखा अनुभव
घुमक्कड़ लोग हमेशा पहाड़ों की ओर आकर्षित होते हैं। चकराता, जो एक ऑफबीट हिल स्टेशन है, वहां पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। फिर भी, गर्मियों और सर्दियों में यहां भीड़ बढ़ जाती है। हाल ही में, इस स्थान तक पहुंचने का मार्ग काफी खराब हो गया है। कुछ स्थानों पर सड़कें इतनी संकीर्ण हो गई हैं कि दो गाड़ियों का निकलना मुश्किल हो जाता है। आइए जानते हैं चकराता की यात्रा के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रा के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
यदि आप दिल्ली से चकराता की यात्रा करने का सोच रहे हैं, तो दोपहर में निकलने से बचें। सुबह का समय बेहतर होता है, क्योंकि दोपहर 2 बजे निकलने पर रात का सफर अंधेरे में करना पड़ सकता है। दिल्ली से चकराता की दूरी लगभग 5 से 6 घंटे है, और रास्ते में ट्रैफिक की समस्या भी हो सकती है। रात के समय चकराता की सड़कों पर यात्रा करना कठिन हो सकता है, क्योंकि यह क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है और यहां होटल भी कम हैं। रात में सड़क पर चलना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि स्ट्रीट लाइट्स की कमी होती है।
पेट्रोल भरवाने का ध्यान रखें
चकराता की यात्रा के दौरान पेट्रोल भरवाने का ध्यान रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में पेट्रोल पंप की दूरी काफी लंबी होती है। पूरे रास्ते में आपको पेट्रोल पंप खोजने में कठिनाई हो सकती है। चकराता में केवल एक पेट्रोल पंप है, जो कोरुवा गांव में स्थित है।
रात में ढाबों की उपलब्धता
रात होते ही आसपास के सभी ढाबे बंद हो जाते हैं। इसलिए, शाम के समय होटल में रुककर भोजन करना बेहतर होता है। चकराता में रात के समय ढाबे नहीं मिलते हैं।
यात्रा के लिए आवश्यक सुझाव
जब आप चकराता की ओर अपनी गाड़ी से यात्रा कर रहे हों, तो दिन के समय यात्रा करना सबसे अच्छा है। पेट्रोल पहले से भरवा लें ताकि आगे कोई समस्या न आए। अपने साथ खाने-पीने की चीजें अवश्य रखें। होटल में रुकने के लिए उजाले में ही व्यवस्था करें, ताकि रात में पहाड़ी क्षेत्र में कोई परेशानी न हो।
चकराता की विशेषताएँ
चकराता एक खूबसूरत हिल स्टेशन है, जहां की पहाड़ियां आपको मंत्रमुग्ध कर देंगी। यह उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में स्थित है। यहां आप कैंपिंग या कॉटेज में आराम से ठहर सकते हैं और रोमांच का भरपूर आनंद ले सकते हैं।