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चाय और कॉफी के साथ आयरन रिच फूड्स का सेवन क्यों करें टाल?

क्या आप जानते हैं कि चाय और कॉफी का सेवन आयरन रिच फूड्स के साथ आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है? जानें कि कैसे ये पेय आपके शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित करते हैं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार आपको कितनी देर का अंतर रखना चाहिए। इस लेख में फायदेमंद खाद्य संयोजनों के बारे में भी जानकारी दी गई है, जो आपके आयरन स्तर को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
 

इस खाद्य संयोजन से बचें:

भारत में लाखों लोग अपनी सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी के साथ करते हैं। कई लोग तो बिस्तर से उठने के बाद ही चाय पीते हैं। ब्रेकफास्ट, लंच या शाम के स्नैक्स के साथ भी चाय-कॉफी पीने की आदत होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके शरीर में आयरन की कमी का कारण बन सकती है? खासकर जब आप आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे पालक, दालें, राजमा, चना, बाजरा, गुड़ या रेड मीट के साथ या तुरंत बाद चाय-कॉफी का सेवन करते हैं, तो शरीर इन खाद्य पदार्थों से मिलने वाले आयरन को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता। चाय या कॉफी के साथ भोजन करने की आदत आयरन की कमी और एनीमिया का खतरा बढ़ा सकती है, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और किशोरों में।


चाय-कॉफी का आयरन पर प्रभाव

नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल की प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की निदेशक डॉ. सोनिया रावत के अनुसार, चाय में टैनिन और कॉफी में पॉलीफेनॉल्स जैसे प्राकृतिक यौगिक होते हैं। ये तत्व नॉन-हीम आयरन के साथ मिलकर ऐसे यौगिक बनाते हैं, जिन्हें शरीर आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता। नॉन-हीम आयरन मुख्य रूप से पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थों जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग, दालें, बीन्स, सोयाबीन, चना, राजमा, लोबिया, बाजरा, रागी, तिल और सूखे मेवे में पाया जाता है। यदि इन खाद्य पदार्थों के साथ चाय या कॉफी का सेवन किया जाता है, तो आयरन का अवशोषण काफी कम हो सकता है।


चाय और कॉफी के बीच कितना अंतर होना चाहिए?

डॉक्टर के अनुसार, आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों और चाय या कॉफी के बीच कम से कम 1 से 2 घंटे का अंतर होना चाहिए। यदि आपने आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाया है, तो तुरंत चाय या कॉफी पीने से बचें। इसी तरह, यदि पहले चाय या कॉफी पी ली है, तो आयरन रिच फूड्स खाने से पहले भी कुछ समय का अंतर रखें। यह छोटा सा बदलाव आपके शरीर को अधिक आयरन प्राप्त करने में मदद कर सकता है। कुछ लोगों में आयरन की कमी का खतरा अधिक होता है, जैसे गर्भवती महिलाएं, ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं, छोटे बच्चे, किशोर, शाकाहारी लोग और एनीमिया से पीड़ित मरीज। इन लोगों के लिए आयरन का पर्याप्त अवशोषण बेहद आवश्यक है।


फायदेमंद खाद्य संयोजन

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थ आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करते हैं। विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में सहायता करते हैं। आयरन रिच फूड्स के साथ आप नींबू का रस, आंवला, संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी, टमाटर, शिमला मिर्च या अन्य खट्टे फल शामिल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, दाल या पालक के साथ नींबू का रस मिलाना, चने के सलाद में टमाटर और नींबू डालना या खाने के बाद विटामिन C युक्त फल खाना फायदेमंद होता है।


क्या सभी प्रकार के आयरन पर एक समान प्रभाव होता है?

डॉक्टर रावत के अनुसार, हीम आयरन जो मांस, मछली और पोल्ट्री से मिलता है, उसके अवशोषण पर चाय-कॉफी का प्रभाव कम होता है। जबकि नॉन-हीम आयरन, जो पौधों से प्राप्त होता है, वह चाय और कॉफी के कारण अधिक प्रभावित होता है। इसलिए शाकाहारी लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चाय और कॉफी का सीमित मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ या तुरंत बाद इनका सेवन करना उचित नहीं है।