चीनी, गुड़ और शहद: स्वास्थ्य पर प्रभाव और सही विकल्प
चीनी का स्वास्थ्य पर प्रभाव
हम सभी जानते हैं कि चीनी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह केवल डायबिटीज के मरीजों के लिए नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए, लोग चीनी के स्थान पर शहद और गुड़ का उपयोग करते हैं। कई लोगों का मानना है कि ये विकल्प सफेद चीनी की तुलना में अधिक फायदेमंद हैं। इस कारण, भारतीय परिवारों में वजन कम करने और रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने के लिए शहद और गुड़ का सेवन किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन तीनों में ज्यादा अंतर नहीं है?
डॉक्टर अंशुमान का दृष्टिकोण
गुड़गांव के सीके बिरला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एमडी, डॉक्टर अंशुमान कौशल ने इस विषय पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गुड़, शहद और चीनी में ग्लूकोज की मात्रा समान होती है। आपके पैंक्रियाज इन तीनों को एक समान मानता है। चीनी में 100% सुक्रोज और 65% ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जबकि गुड़ में सुक्रोज (65-85%) और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (74 से 84%) होता है। शहद में 84% सुक्रोज और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (58 से 85%) तक पाया जाता है।
गुड़, चीनी और शहद का स्वास्थ्य पर प्रभाव
डॉक्टर अंशुमान ने बताया कि गुड़, चीनी की तुलना में रक्त शर्करा को अधिक बढ़ा सकता है। हालांकि, गुड़ में आयरन और मिनरल्स होते हैं, जिससे लोग इसे स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं। 100 ग्राम गुड़ में 11 मिलीग्राम आयरन होता है, लेकिन यदि आप केवल 10 ग्राम गुड़ का सेवन करते हैं, तो आपको केवल 1.1 मिलीग्राम आयरन मिलता है, जो कि पालक के पत्ते में अधिक होता है। इसके साथ ही, आप 40 ग्राम चीनी और 400 कैलोरी का सेवन कर रहे होते हैं।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
डॉक्टर के अनुसार, गुड़, चीनी और शहद का सेवन करने से फैटी लिवर, इंसुलिन रेजिस्टेंस और पेट की चर्बी बढ़ सकती है। इसलिए, इन स्वीटनर्स की मात्रा को नियंत्रित करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि जब किसी खाद्य पदार्थ पर 'नेचुरल' लिखा होता है, तो लोग उसे 35% अधिक मात्रा में खाते हैं। इसके अलावा, जूस, गुड़ और शहद में फाइबर की कमी होती है, जो आपके लिवर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
फलों में शुगर का महत्व
फलों में प्राकृतिक शुगर होती है, जो फाइबर, पानी और अन्य पोषक तत्वों के साथ होती है। यह शुगर धीरे-धीरे शरीर में रिलीज होती है, जिससे लिवर इसे आसानी से पचा लेता है। ICMR-NIN के अनुसार, हर व्यक्ति को प्रतिदिन 150 ग्राम फल खाना चाहिए और दिनभर में केवल 25 ग्राम चीनी का सेवन करना चाहिए।