चूना: स्वास्थ्य के लिए अद्भुत लाभ और उपयोग
चूना का उपयोग और इसके फायदे
(हेल्थ कार्नर) :- एक छोटे मिट्टी के बर्तन में चूने का एक टुकड़ा डालकर उसे पानी से भर दें। चूना धीरे-धीरे घुलकर नीचे चला जाएगा और पानी ऊपर रहेगा। इस पानी का एक चम्मच किसी भी भोजन के साथ लेना चाहिए। 50 वर्ष की आयु के बाद कैल्शियम की दवाएं शरीर में जल्दी नहीं घुलती हैं, जबकि चूना तुरंत घुलकर पच जाता है।
यदि किसी को पीलिया हो जाए, तो चूना सबसे प्रभावी उपचार है। गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर देने से पीलिया जल्दी ठीक हो जाता है।
छात्रों के लिए चूना फायदेमंद है, क्योंकि यह लम्बाई बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना गेहूँ के दाने के बराबर चूना दही में मिलाकर खाना चाहिए। यदि दही नहीं है, तो इसे दाल में मिलाकर खा सकते हैं, या पानी में घोलकर पी सकते हैं। इससे लम्बाई बढ़ने के साथ-साथ स्मरण शक्ति भी बेहतर होती है।
जिन बच्चों की बुद्धि कम होती है, उनके लिए चूना एक बेहतरीन उपाय है। जो बच्चे सोचने में धीमे होते हैं, उन्हें रोजाना गेहूँ के दाने के बराबर चूना दाल, लस्सी, या पानी में मिलाकर देना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को चूना देना चाहिए। एक कप अनार का रस और गेहूँ के दाने के बराबर चूना मिलाकर रोजाना नौ महीने तक देना चाहिए। इसके चार प्रमुख लाभ हैं:
पहला लाभ:- माँ को बच्चे के जन्म के समय कोई कठिनाई नहीं होगी और नॉर्मल डिलीवरी होगी।
दूसरा लाभ:- बच्चा स्वस्थ और तंदुरुस्त पैदा होगा।
तीसरा लाभ:- बच्चा जीवन में जल्दी बीमार नहीं पड़ता, यदि माँ ने चूना खाया हो।
चौथा और सबसे बड़ा लाभ:- बच्चा बहुत बुद्धिमान और प्रतिभाशाली होता है।
यदि शरीर में खून की कमी हो जाए, तो चूना लेना चाहिए। एनीमिया के लिए यह सबसे अच्छा उपाय है। चूना गन्ने के रस, संतरे के रस, या अनार के रस में मिलाकर पीने से खून तेजी से बढ़ता है।