डायबिटीज और थायरॉइड: स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
खानपान और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम
(हेल्थ कार्नर): अत्यधिक ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन, साथ ही तनाव, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन, डायबिटीज और थायरॉइड जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा, अल्कोहल और वायरल संक्रमण भी डायबिटीज को बढ़ावा देते हैं। आयोडाइज्ड नमक की कमी से थायरॉइड की समस्याएं उत्पन्न होती हैं, इसलिए प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम का सेवन करना आवश्यक है।
सुबह की आदतें
सुबह सूर्योदय से पहले जागें
सुबह छह बजे से पहले उठने की आदत डालें और रात को दस बजे तक बिस्तर पर जाएं। दवाओं के साथ उचित परहेज करें और नियमित व्यायाम करें। शारीरिक गतिविधि से मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है, जो इन बीमारियों के प्रबंधन में सहायक होता है।
इनफर्टिलिटी की समस्या
वर्किंग कपल में दिक्कत बढ़ी
हाल ही में एक अध्ययन में यह पाया गया कि जो लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते, उनमें स्पर्म काउंट कम होता है। वर्किंग कपल में तनाव और प्रदूषण भी फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं। पुरुषों में टाइट अंडरगारमेंट, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन भी समस्या का कारण बनता है। खुश रहने के लिए सप्ताह में एक बार आउटिंग पर जाना फायदेमंद हो सकता है। चाइनीज और जंक फूड में मौजूद मोनो सोडियम ग्लूटामेट स्पर्म काउंट को घटा सकता है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
जागरूक रहें
महिलाओं में हाइपो थायरॉइड, पीसीओडी और पुरुषों में मम्स संक्रमण से स्पर्म उत्पादन में बाधा आती है। शीघ्रपतन भी एक महत्वपूर्ण कारण है। इसलिए, अधिक चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।