तीन बार एशियन पैरा गेम्स चैंपियन नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
नीरज यादव का निधन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नीरज यादव, जो तीन बार एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक के चैंपियन रहे, का मंगलवार को निधन हो गया। इस बात की पुष्टि राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने की। नीरज भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में से एक थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।
कोच सत्यनारायण ने दी जानकारी
कोच सत्यनारायण के अनुसार, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की। हालांकि, इस कदम के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। नीरज के इस कदम के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।'
2018 में एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक
नीरज ने 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीते थे। इसके बाद, 2018 में इंडोनेशिया में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में 29.84 मीटर के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
इसके बाद, अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने एफ54/55/56 वर्ग में चक्का फेंक और पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। 2022 में मोरक्को के माराकेच में पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
व्हीलचेयर टेनिस से एथलेटिक्स तक का सफर
नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो का पता चला था, जिसके बाद व्हीलचेयर उनके जीवन का हिस्सा बन गई। उन्होंने लगभग सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेला और 2015 में एथलेटिक्स में करियर की शुरुआत की। 2016 में फाजा ग्रां प्री में उन्होंने पुरुषों की एफ55 गोला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में रजत पदक जीते। नीरज की उपलब्धियां उनके लंबे खेल सफर और मेहनत की गवाही देती हैं। उनके निधन की खबर ने भारतीय पैरा खेल जगत को गहरा झटका दिया है।