त्वचा को युवा बनाए रखने के लिए 6 महत्वपूर्ण नियम
त्वचा की खूबसूरती के लिए आवश्यक बदलाव
नई दिल्ली। हर कोई खूबसूरत त्वचा की चाह रखता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर फाइन लाइन्स, झुर्रियां और ढीलापन आना सामान्य है। क्या आप जानते हैं कि अपने जीवनशैली में 6 महत्वपूर्ण बदलाव करके आप उम्र के असर को कम कर सकते हैं? अमेरिकी त्वचा विशेषज्ञ डॉ. सूद ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने त्वचा को युवा और चमकदार बनाए रखने के लिए 6 'गोल्डन रूल्स' बताए हैं। ये नियम केवल कॉस्मेटिक उपायों पर नहीं, बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य को भीतर से मजबूत करने वाले विज्ञान पर भी आधारित हैं।
एसपीएफ का नियमित उपयोग
डॉ. सूद का कहना है कि समय से पहले उम्र बढ़ने के प्रभाव को कम करने के लिए रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना सबसे प्रभावी तरीका है। एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से सनस्क्रीन का उपयोग करते हैं, उनकी त्वचा में 4.5 वर्षों में कोई बदलाव नहीं आया और फोटोएजिंग में लगभग 24 प्रतिशत की कमी आई। एसपीएफ यूवीए किरणों से होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव और कोलेजन को नष्ट करने वाले एंजाइमों को रोकता है, जो झुर्रियों और ढीलापन का कारण बनते हैं।
धूम्रपान से बचें
सिगरेट न केवल फेफड़ों के लिए हानिकारक है, बल्कि यह चेहरे की सुंदरता को भी प्रभावित करती है। कोलेजन नामक प्रोटीन त्वचा को युवा और टाइट बनाए रखता है। धूम्रपान कोलेजन उत्पादन को कम करता है और ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ाता है, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज होती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि धूम्रपान छोड़ने से कुछ महीनों में रक्त संचार में सुधार होता है और त्वचा की जैविक उम्र कम होने लगती है।
शराब का सीमित सेवन
डॉ. सूद का कहना है कि अधिक शराब का सेवन ऑक्सीडेटिव तनाव, निर्जलीकरण और चेहरे की सूजन को बढ़ाता है, जिससे त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज होती है। शराब का अधिक सेवन झुर्रियों और सूजन का कारण बनता है, जिससे त्वचा की मरम्मत में बाधा आती है। इसके सेवन को कम करने से शरीर में पानी की मात्रा और कोलेजन को स्थिर रखने में मदद मिलती है।
तनाव का प्रभाव
तनाव न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह त्वचा को भी जल्दी बूढ़ा बना देता है। डॉ. सूद बताते हैं कि तनाव से शरीर में 'कोर्टिसोल' हार्मोन बढ़ता है, जो कोलेजन को तोड़ता है। तनाव कम करने से न केवल मूड में सुधार होता है, बल्कि त्वचा की कोशिकाएं भी युवा बनी रहती हैं।
पर्याप्त पानी का सेवन
डॉक्टर के अनुसार, पर्याप्त पानी पीने से त्वचा की नमी और लोच बनी रहती है। यह फाइन लाइन्स को कम करने में मदद करता है।
स्किन केयर का महत्व
त्वचा पर कठोर साबुन या उत्पादों का उपयोग प्राकृतिक तेल और नमी को चुरा लेता है, जिससे जलन होती है। डॉ. सूद का कहना है कि सेरामाइड्स और ह्यूमेक्टेंट्स युक्त कोमल क्लींजिंग और मॉइस्चराइजर त्वचा की सुरक्षा को बेहतर बनाते हैं और दीर्घकालिक लोच बनाए रखने में मदद करते हैं।