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दिल्ली एम्स में मेटाबोलिक सर्जरी से मधुमेह का नया इलाज

दिल्ली के एम्स में मेटाबोलिक सर्जरी के माध्यम से अनियंत्रित मधुमेह के मरीजों के लिए एक नई आशा जगी है। विशेषज्ञों का दावा है कि इस सर्जरी से न केवल शुगर स्तर सामान्य हो जाता है, बल्कि मरीजों को दवाओं से भी मुक्ति मिलती है। जानें इस सर्जरी की प्रक्रिया, इसके लाभ और किसे इसकी आवश्यकता है।
 

नई दिल्ली में मधुमेह के खिलाफ नई पहल

नई दिल्ली: भारत अब मधुमेह की वैश्विक राजधानी बन चुका है, जहां लगभग 7 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। इनमें से कई मरीज ऐसे हैं जिनकी शुगर दवाओं और आहार के बावजूद नियंत्रण में नहीं आती। ऐसे में दिल्ली के एम्स से एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेटाबोलिक सर्जरी अनियंत्रित मधुमेह को ठीक करने में सहायक हो सकती है।


सर्जरी के प्रभावशाली परिणाम

एम्स के सर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि पिछले 15 महीनों में 35 मरीजों की मेटाबोलिक सर्जरी की गई, जिनकी शुगर दवाओं से काबू में नहीं आ रही थी। सर्जरी के तुरंत बाद मरीजों का शुगर स्तर सामान्य हो गया और अधिकांश को दवाएं और इंसुलिन छोड़ने में सफलता मिली। निजी अस्पतालों में यह सर्जरी महंगी होती है, लेकिन एम्स जैसे संस्थानों में यह किफायती दर पर उपलब्ध है।


सर्जरी की प्रक्रिया

कैसे काम करती है यह सर्जरी?

डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि यह कोई साधारण वजन घटाने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक जटिल मेटाबोलिक प्रक्रिया है। इस सर्जरी में पेट के आकार को कम किया जाता है, जिससे भूख बढ़ाने वाले 'ग्राहलिन' हार्मोन का स्तर घटता है। इससे इंक्रीटिन हार्मोन सक्रिय होते हैं, जो शरीर में इंसुलिन के प्रबंधन को स्वाभाविक रूप से सुधारते हैं।


अनियंत्रित मधुमेह के खतरे

किडनी फेल्योर और हार्ट अटैक से बचाव

अनियंत्रित मधुमेह शरीर के अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। डॉ. मंजूनाथ के अनुसार, जिन मरीजों की शुगर दवाओं से नियंत्रण नहीं होता, उनमें किडनी फेल्योर, अंधापन, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।


सर्जरी के लिए पात्रता

किसे है इस सर्जरी की जरूरत?

विशेषज्ञों ने कुछ मानक निर्धारित किए हैं। 18 से 65 वर्ष के लोग इस सर्जरी के लिए पात्र हो सकते हैं। यदि आपका HbA1c स्तर 6.5 से अधिक है और दवाओं से नियंत्रण नहीं हो रहा, तो आप इस सर्जरी के लिए योग्य हैं। जिन लोगों ने पिछले 20-25 वर्षों से इंसुलिन लिया है, उनके लिए यह सर्जरी कम प्रभावी हो सकती है।