×

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: गोल्डन टेंपल से गुरबानी प्रसारण पर नहीं लगेगी रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने गोल्डन टेंपल से गुरबानी के प्रसारण पर रोक लगाने की SGPC की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि प्रसारण धार्मिक समारोह के लिए किया जा रहा है और इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं हो रहा है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माना जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और कोर्ट के ताजा फैसले के बारे में।
 

दिल्ली हाईकोर्ट में गुरबानी प्रसारण पर सुनवाई


दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय: गोल्डन टेंपल से गुरबानी के प्रसारण को लेकर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। कोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की उस याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें एक निजी चैनल को स्वर्ण मंदिर से गुरबानी के लाइव प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि गुरबानी का प्रसारण धार्मिक समारोह के लिए और बिना किसी व्यावसायिक उद्देश्य के किया जा रहा है, तो इसे कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माना जा सकता। हालांकि, हाईकोर्ट ने अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया है और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।


SGPC की याचिका का विवरण

यह मामला SGPC द्वारा दायर कॉपीराइट उल्लंघन की याचिका से संबंधित है। SGPC ने निजी चैनल गैलेक्टिक टेलीविजन एंड कम्युनिकेशंस (GTC) को स्वर्ण मंदिर से गुरबानी के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी। SGPC का कहना है कि गुरबानी के प्रसारण का अधिकार उसके पास है। कमेटी ने कोर्ट में तर्क दिया कि GTC उसके आधिकारिक प्रसारण को दोबारा प्रसारित करके उसके ब्रॉडकास्ट रिप्रोडक्शन राइट्स का उल्लंघन कर रहा है।


GTC की दलीलें

दूसरी ओर, GTC ने कोर्ट में कहा कि उसका प्रसारण व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं है। चैनल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने दलील दी कि दर्शकों से गुरबानी देखने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। चैनल ने यह भी तर्क किया कि धार्मिक समारोह के दौरान होने वाले गुरबानी प्रसारण को कॉपीराइट कानून के तहत कुछ परिस्थितियों में संरक्षण मिल सकता है।


कोर्ट की टिप्पणी

जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने प्रारंभिक राय देते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद गुरबानी को साहित्यिक और संगीतात्मक कृति के रूप में देखा जा सकता है। यदि इसे धार्मिक समारोह के दौरान धार्मिक उद्देश्य से प्रस्तुत किया जाता है और इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं हो रहा है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन नहीं हो सकता। कोर्ट ने इसी आधार पर SGPC के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।


गुरबानी का प्रसारण कैसे होता है?

वर्तमान में, SGPC अपने आधिकारिक YouTube चैनल के माध्यम से श्री हरमंदिर साहिब से गुरबानी का लाइव प्रसारण करती है। इसके अलावा, इसे PTC के जरिए भी टेलीविजन पर दिखाया जाता है। गुरबानी के प्रसारण अधिकारों को लेकर SGPC और निजी प्रसारण संस्थानों के बीच विवाद पिछले कुछ वर्षों से चल रहा है।


GTC और SGPC के बीच विवाद

हाल के दिनों में, GTC ने SGPC की ओर से प्रसारित गुरबानी फीड को दोबारा प्रसारित किया था। SGPC ने इसे अनधिकृत प्रसारण बताते हुए आपत्ति जताई और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। SGPC का कहना है कि उसकी अनुमति के बिना कोई निजी चैनल या डिजिटल प्लेटफॉर्म गुरबानी के प्रसारण को री-स्ट्रीम नहीं कर सकता।