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धरती पर नरक: दरवाजा गैस क्रेटर की अद्भुत कहानी

धरती पर एक अद्भुत स्थान है दरवाजा गैस क्रेटर, जिसे 'गेटवे टू हेल' के नाम से जाना जाता है। यह तुर्कमेनिस्तान के काराकुम रेगिस्तान में स्थित है और इसकी आग 1971 से जल रही है। वैज्ञानिकों ने यहां जीवित बैक्टीरिया की खोज की है, जो इस स्थान की अद्भुतता को और बढ़ाता है। जानें इस गड्ढे के पीछे की कहानी और इसके जलने का कारण।
 

धरती पर अद्भुत स्थान

पृथ्वी पर कई ऐसी जगहें हैं, जो हमारी कल्पनाओं से परे हैं। जैसे-जैसे हम इस ग्रह के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं, हमें और भी आश्चर्य होता है। कहा जाता है कि स्वर्ग और नरक दोनों ही इस धरती पर मौजूद हैं। जब हम स्वर्ग की कल्पना करते हैं, तो हमारे मन में खूबसूरत स्थानों की छवि आती है, जबकि नरक की सोचते ही आग और अंधकार का दृश्य सामने आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर वास्तव में ऐसा नरक मौजूद है? यह सच है।


दरवाजा गैस क्रेटर: नरक का दरवाजा

इस स्थान का नाम 'दरवाजा गैस क्रेटर' है, जिसे पूरी दुनिया 'गेटवे टू हेल' के नाम से जानती है। एक व्यक्ति ने यहां जाने के बाद कहा कि यह स्थान मंगल ग्रह जैसा प्रतीत होता है।


दरवाजा गैस क्रेटर का स्थान

यह गैस क्रेटर तुर्कमेनिस्तान में स्थित है, जो कि राजधानी अश्गाबात से लगभग 260 किलोमीटर दूर काराकुम रेगिस्तान के दरवेज गांव में है। इसकी खोज 1971 में हुई थी, और तब से यह आग जलती आ रही है। इस पर वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है।


आग जलने का कारण

इस दरवाजा गैस क्रेटर में जलती आग का कारण पूरी तरह से वैज्ञानिक है। जिस रेगिस्तान में यह गड्ढा है, उसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है। यहां मिथेन गैस और आग का भंडार है, और वर्षों से यहां 1000 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर आग जल रही है।


खोज की कहानी

1971 में सोवियत संघ के वैज्ञानिक तुर्कमेनिस्तान आए थे। वे तेल और गैस की खोज कर रहे थे, लेकिन उनकी ड्रिलिंग एक बड़े गैस भंडार में चली गई। इसके बाद जमीन धंस गई और मीथेन गैस बाहर निकलने लगी। वैज्ञानिकों ने सोचा कि यदि गड्ढे में आग लगा दी जाए, तो मीथेन खत्म हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


जीवित बैक्टीरिया की खोज

वैज्ञानिकों ने गड्ढे की मिट्टी पर अनुसंधान किया और पाया कि कुछ बैक्टीरिया जीवित हैं। 2013 में, एक व्यक्ति ने दरवाजा गैस क्रेटर के अंदर जाकर मिट्टी का सैंपल लिया। उन्होंने विशेष कपड़े और स्कूबा गियर का उपयोग किया।


तुर्कमेनिस्तान की पहचान

इस आग को बुझाने में दशकों लग सकते हैं, क्योंकि तुर्कमेनिस्तान में प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा भंडार है। दरवाजा गैस क्रेटर अब तुर्कमेनिस्तान की पहचान बन चुका है, और हर साल लाखों पर्यटक इसे देखने आते हैं। सुरक्षा के लिए इसके चारों ओर रेलिंग लगाई गई है और एक व्यू पॉइंट भी बनाया गया है।