नई एआई प्रणाली की सुरक्षा पर उठे सवाल, अनधिकृत पहुंच का मामला
एक नई एआई प्रणाली की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जब कुछ अज्ञात डिस्कॉर्ड उपयोगकर्ताओं ने एंथ्रोपिक के एक नए मॉडल तक अनधिकृत पहुंच का दावा किया। इस मॉडल का नाम क्लॉड मिथोस प्रीव्यू है, जिसे कंपनी ने सीमित उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किया था। एंथ्रोपिक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
Apr 23, 2026, 22:27 IST
नई एआई प्रणाली की सुरक्षा पर चिंताएं
तकनीकी क्षेत्र से एक चौंकाने वाली सूचना आई है, जिसमें एक नई एआई प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कुछ अज्ञात डिस्कॉर्ड उपयोगकर्ताओं के समूह ने यह दावा किया है कि उन्होंने एंथ्रोपिक नामक कंपनी के एक नए एआई मॉडल तक पहुंच प्राप्त कर ली है, जिसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस मॉडल का नाम क्लॉड मिथोस प्रीव्यू बताया जा रहा है, जिसे कंपनी ने केवल कुछ चुनिंदा लोगों के लिए उपलब्ध कराया था।
एंथ्रोपिक का कहना है कि यह मॉडल इतनी क्षमता रखता है कि यह बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर की कमजोरियों की पहचान कर सकता है और उनका लाभ उठा सकता है। इसलिए, इसे विशेष साझेदारों के लिए एक विशेष पहल के तहत सीमित किया गया था, ताकि महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा को बढ़ाया जा सके।
हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, इस समूह ने किसी जटिल तकनीकी प्रक्रिया का उपयोग नहीं किया, बल्कि कंपनी के पुराने नामकरण पैटर्न के आधार पर मॉडल के संभावित ऑनलाइन स्थान का अनुमान लगाकर वहां पहुंच बनाई। बताया गया है कि इस प्रक्रिया में समूह के एक सदस्य को अतिरिक्त सहायता मिली, जिसे पहले से ही एक बाहरी ठेकेदार के रूप में सीमित अधिकार प्राप्त थे।
जानकारी के अनुसार, यह समूह एक निजी ऑनलाइन मंच पर सक्रिय है, जहां नए और अप्रकाशित मॉडलों की जानकारी इकट्ठा करने का कार्य किया जाता है। समूह के एक सदस्य ने कहा कि उन्होंने इस मॉडल का उपयोग किसी गलत कार्य के लिए नहीं किया, बल्कि सामान्य कार्यों जैसे साधारण वेबसाइट बनाने में किया है।
इस बीच, एंथ्रोपिक ने इस दावे को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किसी अन्य अनधिकृत व्यक्ति ने इस मॉडल तक पहुंच बनाई हो।
यह ध्यान देने योग्य है कि जिस मॉडल को कंपनी ने भविष्य में साइबर सुरक्षा में बदलाव लाने वाला बताया था, उसी तक अनधिकृत पहुंच की खबरें चिंता का विषय बन गई हैं।