नवरात्रि में कुट्टू के आटे का सेवन: सावधानियां और विकल्प
नवरात्रि का पर्व और कुट्टू का आटा
नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है, जिसमें भक्त मां दुर्गा की पूजा उनके नौ विभिन्न रूपों में करते हैं। इस दौरान कई लोग व्रत रखते हैं, और खासकर कुट्टू के आटे की मांग बढ़ जाती है। भक्त कुट्टू के आटे से बनी पूरियां, पकौड़े और चीलें खाना पसंद करते हैं। हालांकि, इसे खाने में लापरवाही करने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
फूड पॉइजनिंग का खतरा
कुट्टू का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है। यदि आप नवरात्रि के व्रत में इसका सेवन कर रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इस विषय पर डाइटिशियन सुरभि वर्मा से जानकारी प्राप्त की गई है।
कुट्टू का आटा खरीदते समय ध्यान देने योग्य बातें
कुट्टू का आटा खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान:
- आटे का रंग देखना जरूरी है। ग्रे या ब्राउन रंग का आटा खरीदें, जबकि काला या पीला रंग होने पर उसे न खरीदें। यदि आटे से दुर्गंध आ रही हो, तो उसे न खरीदें। खराब आटे से एलर्जी, सांस फूलने और गैस बनने की समस्या हो सकती है। पैकेट वाले आटे की पैकिंग डेट पर ध्यान दें।
- आटे को साफ, सूखे और हवा बंद डिब्बे में रखें। इससे नमी नहीं बनेगी। उपयोग से पहले आटे को छान लें। यदि उसमें कीड़े या गंदगी दिखाई दे, तो उसका उपयोग न करें।
- आवश्यकता के अनुसार ही आटा खरीदें, क्योंकि कुट्टू का आटा जल्दी खराब हो जाता है।
क्यों होते हैं लोग बीमार?
बाजार में मिलने वाले कुट्टू के आटे में मिलावट की जाती है। पुराने आटे में नए आटे को मिलाने से लोग बीमार पड़ जाते हैं। कुट्टू के आटे में नमी जल्दी बनती है, जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इसके सेवन से पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कुट्टू का आटा जल्दी खराब क्यों होता है?
कुट्टू के आटे में फैट होती है, जो हवा के संपर्क में आने पर ऑक्सिडाइज हो जाती है। इसमें लाइपेज और लाइपोक्सीजेनेज जैसे एंजाइम होते हैं, जो फैट के टूटने में मदद करते हैं। नमी आने पर बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इसे गर्मी, बरसात और नमी वाली जगहों पर रखने से बचना चाहिए।
कुट्टू के आटे के विकल्प
कुट्टू के आटे की जगह पर क्या खाएं:
- सिंघाड़े का आटा, राजगीरा का आटा, समा के चावल, आलू, दही, मखाना और साबूदाना जैसे विकल्पों का सेवन करें। ये सभी पोषण से भरपूर हैं और शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं।
- कुट्टू के आटे का उपयोग करने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करें।
- फल और नट्स का सेवन करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।