नवरात्रि में व्रत के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें
नवरात्रि का आरंभ
नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है, जिसमें भक्त 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करते हैं। कई लोग इस दौरान फलाहार करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे व्यक्तियों को व्रत के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि आप 9 दिनों तक व्रत रखने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इस विषय पर हमने डाइटिशियन और न्यूट्रीप्लस की निदेशक डॉक्टर अंजलि फाटक से चर्चा की।
व्रत के दौरान स्वास्थ्य पर प्रभाव
डाइटिशियन अंजलि फाटक ने बताया कि व्रत के कारण कई लोग लंबे समय तक भूखे रहते हैं। कुछ लोग अपनी दवाओं के सेवन के समय में भी बदलाव करते हैं, जिससे शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इस दौरान लोग योग और व्यायाम करते हैं, साथ ही गरबा भी करते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। इन सभी कारणों से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शुगर को नियंत्रित करने के उपाय
अंजलि फाटक ने सुझाव दिया कि कुछ लोग उपवास के दौरान दवा लेते हैं, जिससे हाइपरग्लेसेमिया की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कई लोग दिनभर भूखे रहकर शाम को एक साथ बहुत सारा खाना खा लेते हैं, जिसमें शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इससे शरीर में शुगर का स्तर अचानक बढ़ सकता है। इसलिए, पूरे दिन भूखा रहने से बचें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिएं, मौसमी फल खाएं, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहेगा और शुगर भी नियंत्रित रहेगा।
क्या खाना चाहिए?
डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ानी चाहिए। खट्टे फल, दही, छाछ, नट्स और साबुत अनाज का सेवन करें। साबुत अनाज में कुट्टू के आटे का चीला और इडली शामिल हैं। तली-भुनी चीजों से बचें। लौकी और कद्दू की सब्जी, सामक चावल का सेवन करें। ये आपके पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। लौकी का रायता भी अच्छा विकल्प है, जिससे पेट भरा रहता है और शुगर नियंत्रित रहती है।
बीपी के मरीजों के लिए सुझाव
बीपी के मरीजों को तली-भुनी चीजों से बचना चाहिए। चिप्स और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, क्योंकि इनमें प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। मखाना, खजूर के लड्डू, अनार, सेब, मौसमी फल, धनिया की चटनी, सलाद और बिना चीनी वाली स्मूदी का सेवन करें। ये सभी चीजें शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती हैं। दवा का नियमित सेवन करें और रोजाना योग और व्यायाम करें।
व्रत खोलने का सही तरीका
शाम के समय व्रत खोलते समय संतुलित मात्रा में खाना खाएं। अचानक बहुत अधिक खाना खाने से एसिडिटी और कब्ज की समस्या हो सकती है। साबूदाने की चीजों का सेवन कम करें।