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नॉर्वे ने छोटे बच्चों के लिए AI टूल्स पर लगाया प्रतिबंध

नॉर्वे ने छोटे बच्चों के लिए जनरेटिव AI टूल्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जिससे शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है। यह कदम बच्चों की बुनियादी लर्निंग क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। इस निर्णय के पीछे कई शोधों का समर्थन है, जो बताते हैं कि AI का अनियंत्रित उपयोग बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। अन्य देशों, जैसे कनाडा, भी इस दिशा में कदम उठा सकते हैं। जानें इस विषय पर और क्या हो रहा है।
 

AI का प्रभाव: शिक्षा में बदलाव

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने कई कार्यों को सरल बना दिया है। वर्तमान में, लोग पढ़ाई से लेकर अन्य समस्याओं के समाधान के लिए AI का सहारा ले रहे हैं। बच्चों की शिक्षा, स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थलों में AI का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है कि क्या AI बच्चों की शिक्षा को सरल बना रहा है या उनकी सीखने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इस विषय पर वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है, और इसी बीच नॉर्वे ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसने शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में ध्यान आकर्षित किया है। इस देश ने पहली बार छोटे बच्चों के लिए जनरेटिव AI टूल्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है.


नॉर्वे का नया नियम

हाल ही में, नॉर्वे की सरकार ने घोषणा की है कि पहली से सातवीं कक्षा तक के छात्रों को स्कूलों में जनरेटिव AI टूल्स का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। इस आयु वर्ग में 13 साल तक के बच्चे शामिल हो सकते हैं। यह नया नियम सितंबर से लागू होगा.


बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम

यह निर्णय तब लिया गया जब कई देशों ने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाया है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध या कड़े नियम लागू किए हैं.


AI पर प्रतिबंध का कारण

- नॉर्वे सरकार का मानना है कि बच्चों की बुनियादी लर्निंग क्षमता को सुरक्षित रखना आवश्यक है। सरकार यह स्वीकार करती है कि कुछ मामलों में AI शिक्षा में सहायक हो सकता है, लेकिन प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को इसके बिना पढ़ाई करनी चाहिए.


- कई शोधों से पता चला है कि यदि बच्चे स्कूल में AI का बिना सोच-विचार के उपयोग करते हैं, तो वे सीखने के महत्वपूर्ण चरणों से वंचित रह सकते हैं। छोटे बच्चों में इतनी समझ नहीं होती कि वे इन एडवांस टूल्स का जिम्मेदारी से उपयोग कर सकें.


बड़े बच्चों के लिए नियम

- यह नियम केवल 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए लागू है, लेकिन बड़े छात्रों को AI टूल्स का उपयोग करने की अनुमति होगी। हालांकि, उनके उपयोग पर स्कूल प्रशासन की कड़ी निगरानी रहेगी। शिक्षकों को भी AI के सही उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन कर सकें.


- नॉर्वे के स्कूलों में पहले से ही मोबाइल फोन लाने पर प्रतिबंध है। अब AI पर भी बैन लगाया गया है। वहां की सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया को भी पूरी तरह से बंद करने की योजना बना रही है.


कनाडा का संभावित कदम

नॉर्वे के उदाहरण के बाद, अन्य देशों में भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। कनाडा भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI चैटबॉट्स पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना सकता है। इस संबंध में कनाडा की सरकार जल्द ही नए कानून लाने की तैयारी कर रही है.