पंजाब में मानसून की वापसी: 24 जुलाई तक होगी जोरदार बारिश
मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से मानसून की गतिविधियाँ काफी धीमी हो गई थीं, जिससे प्रदेश में बारिश की मात्रा बहुत कम हो गई थी। इस कमी के कारण गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा था। लेकिन अब मौसम में बदलाव आ रहा है और मानसून फिर से सक्रिय हो गया है।
भारतीय मौसम विभाग की चंडीगढ़ शाखा ने एक बुलेटिन जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 20 जुलाई से 24 जुलाई तक पंजाब के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। विभाग का कहना है कि मानसून की गतिविधियाँ फिर से तेज हो रही हैं और आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी।
रविवार का मौसम
रविवार को पंजाब में अधिकतम तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई, लेकिन तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। बठिंडा सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फिरोजपुर में 37.2 डिग्री, बठिंडा कृषि विश्वविद्यालय में 37.3 डिग्री, पटियाला और रूपनगर में 36.3 डिग्री, मोहाली में 36.4 डिग्री, कपूरथला में 35.8 डिग्री, संगरूर में 35.3 डिग्री, अमृतसर में 34.7 डिग्री, लुधियाना में 34.8 डिग्री, जालंधर में 34.3 डिग्री, होशियारपुर में 34.3 डिग्री, गुरदासपुर में 32.5 डिग्री और पठानकोट में 32.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
आने वाले दिनों का मौसम
सोमवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज से भारी बारिश और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली और श्री मुक्तसर साहिब में यलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।
21 जुलाई को भी पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली में ओरेंज अलर्ट रहेगा। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
22 जुलाई को भी यही स्थिति बनी रहेगी। 23 जुलाई को मौसम में सुधार के संकेत हैं, लेकिन गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में यलो अलर्ट जारी रहेगा।
खरीफ फसलों के लिए बारिश का महत्व
मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आएगी। कई जिलों में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहरा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे फसलों की वृद्धि में सुधार होगा और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।