पुरुषों के लिए नए गर्भनिरोधक विकल्प: पॉजपिल और प्लान ए
नए गर्भनिरोधक विकल्पों की शुरुआत
अब तक, अनचाहे गर्भ से बचने के लिए पुरुषों के पास मुख्यतः कंडोम और नसबंदी (Vasectomy) के विकल्प थे। लेकिन जल्द ही, नए और आधुनिक विकल्प जैसे 'पॉजपिल' (PausePill) और 'प्लान ए' (Plan A) बाजार में उपलब्ध होंगे। हाल के सर्वेक्षणों से पता चला है कि 61% से अधिक पुरुष इन नए तरीकों को अपनाने के लिए उत्सुक हैं।
'पॉजपिल': आवश्यकता अनुसार गर्भनिरोधक गोली
'NEXT Life Sciences' द्वारा विकसित पॉजपिल एक गैर-हार्मोनल दवा है, जो लगभग 24 घंटे तक गर्भनिरोधक सुरक्षा प्रदान करती है। इसे संबंध बनाने से पहले या रोजाना लिया जा सकता है। यह दवा शुक्राणु के निर्माण को रोकने के बजाय वीर्यपात के दौरान शुक्राणुओं को ले जाने वाली वाहिनी (Vas Deferens) के सिग्नल को रोकती है, जिससे संभोग का अनुभव सामान्य रहता है। प्रारंभिक परीक्षणों में इसे 100% सफलता मिली है।
'प्लान ए': लंबे समय के लिए रिवर्सिबल इम्प्लांट
जो पुरुष नियमित रूप से गोली नहीं लेना चाहते, उनके लिए 'प्लान ए' एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसे 'प्रजनन क्षमता का स्विच' कहा जाता है, जिसे 3 से 10 वर्षों के लिए सक्रिय किया जा सकता है। इसमें वासाजेल (Vasalgel) नामक हाइड्रोजेल को डॉक्टरों द्वारा शुक्राणु वाहिनी में इंजेक्ट किया जाता है, जो शुक्राणुओं को ब्लॉक करता है लेकिन अन्य तरल पदार्थों को बहने देता है।
नसबंदी से अलग और पूरी तरह से सुरक्षित
पारंपरिक नसबंदी में नलियों को स्थायी रूप से काटा जाता है, जबकि 'प्लान ए' में किसी कट या टांके की आवश्यकता नहीं होती। यदि पुरुष फिर से पिता बनना चाहें, तो एक विशेष घोल के माध्यम से इस जेल को आसानी से घोला जा सकता है, जिससे प्रजनन क्षमता वापस आ जाती है। जानवरों पर किए गए अध्ययनों के सकारात्मक परिणामों के बाद, अब इसके इंसानी परीक्षण भी सफल रहे हैं, जिससे इसके जल्द बाजार में आने की संभावना बढ़ गई है।
साझा जिम्मेदारी और महिलाओं के लिए राहत
पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक विकल्पों की मांग केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की ओर से भी बढ़ रही है। सर्वेक्षणों के अनुसार, अधिकांश महिलाएं चाहती हैं कि उनके साथी भी गर्भनिरोध की जिम्मेदारी साझा करें, जिससे उन्हें हार्मोनल गोलियों के दुष्प्रभावों से राहत मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य 2026 के अंत तक बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू करना और अगले दो वर्षों में इन्हें बाजार में लाना है।