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पेट्रोल निर्यात पर टैक्स बढ़ा, डीजल पर कमी

भारत सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का निर्णय लिया है, जबकि डीजल पर यह 7.50 रुपये प्रति लीटर कम किया गया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अचानक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। अब से हर पखवाड़े इन टैक्स की समीक्षा की जाएगी। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

सरकार का नया टैक्स निर्णय


भारत सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है, जबकि डीजल पर यह 7.50 रुपये प्रति लीटर कम किया गया है।


केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब निर्यातित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 2.50 रुपये प्रति लीटर होगा, जो पहले 50 पैसे था।


वहीं, निर्यातित डीजल पर उत्पाद शुल्क को 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। विमान ईंधन पर शुल्क 10.50 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रखा गया है।


इन उत्पाद शुल्कों को विंडफॉल टैक्स के रूप में जाना जाता है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अचानक वृद्धि के कारण मुनाफाखोरी को रोकना है।


सरकार ने यह भी बताया कि अब से हर पखवाड़े इन टैक्स की समीक्षा की जाएगी, जबकि पहले यह हर महीने होती थी।


पश्चिम एशिया संकट के दौरान 27 मार्च 2026 से विंडफॉल टैक्स फिर से लागू किया गया था, जबकि इससे पहले दो साल से अधिक समय तक कोई टैक्स नहीं था।