पेशाब में प्रोटीन: किडनी स्वास्थ्य के संकेत और घरेलू उपाय
पेशाब में प्रोटीन के लक्षण
पेशाब में प्रोटीन के लक्षण: आजकल की बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण किडनी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पेशाब में प्रोटीन का आना एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है। वास्तव में, यूरिन हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का एक तरीका है। कई बार, पेशाब हमें शरीर के अंदर हो रहे परिवर्तनों के बारे में जानकारी देता है। जब पेशाब में प्रोटीन की उपस्थिति होती है, तो इसे प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है। यह किडनी की समस्याओं के अलावा भी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए, इस पर विशेषज्ञों की राय जानते हैं।
प्रोटीन्यूरिया क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेशाब में पानी की मात्रा से अधिक प्रोटीन निकलता है, तो यह संकेत करता है कि आपको किडनी की गंभीर समस्या हो सकती है। किडनी ही पेशाब को बाहर निकालने में मदद करती है। यदि गुर्दे स्वस्थ हैं, तो वे प्रोटीन को शरीर की मांसपेशियों को प्रदान करते हैं, लेकिन यदि वे अस्वस्थ हैं, तो प्रोटीन पेशाब के साथ बाहर निकलता है।
किडनी रोग का संकेत
अहमदाबाद के एक चिकित्सक के अनुसार, पेशाब में प्रोटीन का आना किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। इसमें एक या दोनों किडनियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इस बीमारी का उपचार केवल डॉक्टर ही कर सकते हैं, लेकिन हम यूरिन में प्रोटीन की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं। पेशाब में प्रोटीन की उपस्थिति से एक्यूट किडनी डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।
एक्यूट किडनी डिजीज गुर्दों की एक गंभीर स्थिति है, जिसमें किडनी काम करना बंद कर देती है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में हानिकारक टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं। इस बीमारी के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:
- पेशाब की मात्रा में कमी।
- पैरों और हाथों में सूजन।
- किडनी में रक्त संचार में कमी।
- थकान और जी मिचलाना।
- सांस लेने में कठिनाई।
घरेलू उपाय से राहत
यदि किसी को पेशाब में प्रोटीन की उपस्थिति का अनुभव हो रहा है, तो उन्हें किडनी की जांच करानी चाहिए। बीमारी का उपचार आवश्यक है, लेकिन प्रोटीन की मात्रा को कम करने के लिए, मरीज को सप्तपर्णी पेड़ की छाल का काढ़ा सुबह और शाम 1 कप पिलाना फायदेमंद हो सकता है।