पौधों की वृद्धि के लिए सर्वोत्तम खादों का उपयोग कैसे करें
गृह बागवानी के शौकीनों के लिए पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सही खाद का चयन करना महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम विभिन्न प्रकार की खादों जैसे सीवीड फर्टिलाइजर, डीएपी, रॉक फास्फेट, एप्सम सॉल्ट और सरसों की खली के उपयोग के तरीकों पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे ये खादें आपके पौधों को स्वस्थ और मजबूत बना सकती हैं।
Jan 20, 2026, 16:07 IST
पौधों की देखभाल में खाद का महत्व
जो लोग होम गार्डनिंग के शौकीन हैं, वे अक्सर विभिन्न प्रकार के फल-फूलों के पौधे लगाते हैं। लेकिन कई बार उन्हें यह समस्या होती है कि पौधों की वृद्धि रुक जाती है या कलियां गिरने लगती हैं। यह समस्या मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी के कारण होती है, जिसे केवल पानी देकर ठीक नहीं किया जा सकता। इसलिए, मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाना आवश्यक है ताकि पौधे मजबूत हो सकें।
खाद का सही उपयोग
चाहे बेल वाले पौधे हों या फूलों वाले, खाद का सही मात्रा में उपयोग करने से अद्भुत परिणाम मिलते हैं। खाद का चयन मौसम और पौधों की आवश्यकताओं के अनुसार करना चाहिए।
सीवीड फर्टिलाइजर
सीवीड फर्टिलाइजर
सीवीड फर्टिलाइजर पौधों के लिए एक टॉनिक के समान कार्य करती है। यह ठंडी खाद है जो पौधों को धीरे-धीरे पोषण देती है। इसमें सूक्ष्म पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। 1 लीटर पानी में 10 ग्राम सीवीड मिलाकर पौधों में डालें। इसे 6 महीने में केवल एक बार डालें, या सीधे मिट्टी में छिड़कें।
डीएपी
डीएपी
यदि आपके पौधे अचानक सूखने लगे हैं, तो आप इमरजेंसी में डीएपी का उपयोग कर सकते हैं। यह पौधों को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। डीएपी को पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों के पास डालें। यह खाद फूलों वाले पौधों के लिए विशेष रूप से प्रभावी है।
रॉक फास्फेट
रॉक फास्फेट
यदि आप डीएपी का उपयोग नहीं करना चाहते, तो रॉक फास्फेट एक बेहतरीन विकल्प है। इसे सीधे मिट्टी में या पानी में मिलाकर दिया जा सकता है। इसे डालते समय मिट्टी में नमी होना आवश्यक है।
एप्सम सॉल्ट
एप्सम सॉल्ट
बेलों के लिए मैग्नीशियम सल्फेट से भरपूर एप्सम सॉल्ट एक वरदान है। यह पौधों की पत्तियों को हरा-भरा रखने और प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाने में मदद करता है। 1 लीटर पानी में 3 से 5 ग्राम एप्सम सॉल्ट मिलाकर डालें। यह विशेष रूप से बेल वाले पौधों के लिए लाभकारी है।
सरसों की खली
सरसों की खली
सरसों की खली फल-फूल के लिए एक शक्तिशाली खाद है। इसका असर 5 दिन में दिखने लगता है। 100 ग्राम खली को 1 लीटर पानी में 3 दिन के लिए भिगोकर, फिर 10 लीटर पानी मिलाकर पौधों में डालें। इसे केवल सर्दियों में उपयोग करना चाहिए।