प्रेग्नेंसी में केगल एक्सरसाइज के लाभ और महत्व
प्रेग्नेंसी का अनुभव
मां बनने का अनुभव हर महिला के लिए बेहद खास होता है। यह एक ऐसा सपना है जो हर महिला देखती है, और यह पल सचमुच खूबसूरत होते हैं। हालांकि, यह समय किसी भी महिला के लिए सरल नहीं होता। प्रेग्नेंसी के दौरान कई शारीरिक बदलाव होते हैं। जब बच्चे का वजन बढ़ता है, तो यह हमारे शरीर के विभिन्न हिस्सों पर दबाव डालता है, विशेषकर पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर। इसी कारण से डॉक्टर अक्सर प्रेग्नेंसी के दौरान केगल एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। लेकिन कई लोग इसके बारे में अनजान होते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान इस एक्सरसाइज के कई लाभ होते हैं, जैसे कि पेल्विक फ्लोर को मजबूत बनाना। आइए, इसके फायदों पर एक नज़र डालते हैं।
केगल एक्सरसाइज क्या है?
केगल एक्सरसाइज एक ऐसी तकनीक है जिसमें पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को संकुचित करने का अभ्यास किया जाता है। ये मांसपेशियां यूट्रस, मूत्राशय और आंतों का समर्थन करती हैं। गर्भावस्था के दौरान इन पर काफी दबाव पड़ता है, इसलिए डॉक्टर इन्हें मजबूत बनाए रखने के लिए इस एक्सरसाइज को करने की सलाह देते हैं।
केगल एक्सरसाइज के लाभ
प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को हंसते, छींकते या खांसते समय थोड़ी मात्रा में यूरिन निकलने की समस्या होती है, जिसे यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है। केगल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर को मजबूत बनाकर इस समस्या को कम करने में मदद करती है। नियमित रूप से इस एक्सरसाइज को करने से आपकी समस्या में कमी आ सकती है।
नॉर्मल डिलीवरी में सहायक
जब पेल्विक मांसपेशियां मजबूत होती हैं, तो डिलीवरी के समय शरीर बेहतर तरीके से सहयोग करता है। इसी कारण से कई डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि इससे नॉर्मल डिलीवरी की गारंटी मिले।
डिलीवरी के बाद तेजी से रिकवरी
डिलीवरी के बाद शरीर को सामान्य होने में समय लगता है। लेकिन जो महिलाएं एक्सरसाइज करती हैं, उनकी पेल्विक मांसपेशियों की रिकवरी तेजी से होती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
डॉक्टरों का मानना है कि केगल एक्सरसाइज प्रेग्नेंसी में बहुत फायदेमंद होती है। हालांकि, इसे सही तरीके से करना भी आवश्यक है। इसे हमेशा डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए।