×

फरीदाबाद के डॉक्टर ने स्वास्थ्य संकेतों पर दी चेतावनी

फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मोहित शर्मा ने स्वास्थ्य समस्याओं के संकेतों पर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और फैटी लिवर जैसी बीमारियाँ धीरे-धीरे विकसित होती हैं। थकान, वजन में बदलाव, त्वचा और बालों के संकेत, सांस फूलना, और नींद की समस्याएँ स्वास्थ्य के गंभीर खतरे का संकेत हो सकते हैं। 30 साल की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह दी गई है। जानें और क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
 

डॉक्टर की चेतावनी

फरीदाबाद, 15 मई। हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अमृता हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मोहित शर्मा ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में चेतावनी दी है। उनके अनुसार, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और फैटी लिवर जैसी बीमारियाँ अचानक नहीं होतीं। ये समस्याएँ शरीर में धीरे-धीरे विकसित होती हैं, जिसे चिकित्सा में 'हेल्थ रिस्क जोन' कहा जाता है। अक्सर लोग छोटे-छोटे संकेतों को सामान्य थकान या तनाव समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो बाद में दिल के दौरे जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकता है।


थकान को हल्के में न लें

यदि आप पूरी नींद लेने के बावजूद सुबह थका हुआ महसूस करते हैं, तो यह चिंता का विषय है। चिकित्सकों का कहना है कि यह एनीमिया, विटामिन B12 या D की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, यह थकान थायरॉइड विकार या प्रारंभिक मधुमेह का भी संकेत हो सकती है। यदि इसके साथ ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा

आजकल पेट के आसपास बढ़ता हुआ फैट केवल दिखने की समस्या नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम का एक बड़ा संकेत मानते हैं। बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में वृद्धि या कमी, शरीर के आंतरिक संतुलन में गड़बड़ी का संकेत है। यह दर्शाता है कि आपका शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर रहा है, जो आगे चलकर मधुमेह का कारण बन सकता है।


त्वचा और बालों के संकेत

आपकी त्वचा और बाल आपके आंतरिक स्वास्थ्य का प्रतिबिंब होते हैं। गर्दन या अंडरआर्म्स के आसपास त्वचा का काला पड़ना इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है। इसके अलावा, बार-बार मुंह में छाले, नाखूनों का जल्दी टूटना और बालों का अत्यधिक झड़ना पोषण की गंभीर कमी को दर्शाता है। ये संकेत बताते हैं कि आपको अपनी डाइट और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता है।


सांस फूलना और नींद की समस्या

यदि सीढ़ियाँ चढ़ते समय आपकी सांस फूलती है या सीने में भारीपन महसूस होता है, तो यह कमजोर दिल का संकेत हो सकता है। खराब जीवनशैली के कारण अब कम उम्र के युवाओं में भी दिल की समस्याएँ बढ़ रही हैं। वहीं, रात को जोर से खर्राटे लेना या बार-बार नींद टूटना स्लीप एपनिया की शुरुआत हो सकती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि 15 दिनों से अधिक समय तक नींद की समस्या बनी रहती है, तो स्वास्थ्य जांच में देरी न करें।


30 की उम्र के बाद जरूरी टेस्ट

डॉ. मोहित शर्मा का कहना है कि बीमार होने का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। 30 साल की उम्र पार करते ही हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट करवाना चाहिए। इसके साथ ही, विटामिन B12 और D के स्तर की जांच भी आवश्यक है। बचाव केवल इलाज नहीं, बल्कि शरीर के इन धीमे संकेतों को समय पर समझना है।


स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

सेहत, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी और रिश्तों से जुड़ी उपयोगी जानकारी आपकी बेहतर जीवनशैली के लिए।