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फैटी लिवर: जानें इसके कारण और सुधार के उपाय

फैटी लिवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो गलत खानपान और जीवनशैली के कारण बढ़ रही है। यह न केवल शराब पीने वालों में, बल्कि बच्चों और युवाओं में भी आम हो रही है। लिवर में चर्बी जमा होने से गंभीर स्थितियां जैसे सिरोसिस हो सकती हैं। इस लेख में, हम फैटी लिवर के कारण, खतरनाक आदतें और सुधार के उपायों पर चर्चा करेंगे। जानें कैसे आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके इस समस्या से बच सकते हैं।
 

फैटी लिवर की बढ़ती समस्या

वर्तमान समय में फैटी लिवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो गलत खानपान और जीवनशैली के कारण तेजी से फैल रही है। कई लोग लिवर में हल्की सूजन या चर्बी को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है। जब लिवर में अत्यधिक फैट जमा होने लगता है, तो इसकी कार्यक्षमता में कमी आ जाती है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलना बंद हो जाता है।


बच्चों और युवाओं में फैटी लिवर

यह समस्या केवल शराब पीने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब बच्चों और युवाओं में 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर' भी आम हो गया है। यदि कोई इस समस्या से ग्रसित है, तो कुछ सामान्य गलतियां आपके लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन आदतों को समय पर पहचानना और सुधारना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।


फैटी लिवर के लिए खतरनाक आदतें

फैटी मरीजों की ये आदतें हैं खतरनाक


पैकेज्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद चीनी लिवर में सीधे फैट के रूप में जमा होती है।


बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर्स या सप्लीमेंट्स का सेवन लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है।


देर रात भोजन करने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे फैट सीधे लिवर में जमा होता है।


शारीरिक गतिविधियों की कमी से लिवर के चारों ओर चर्बी जमा होने लगती है।


इलाज न होने पर जान का खतरा

इलाज न होने पर जा सकती है जान


फैटी लिवर एक गंभीर बीमारी है। यदि प्रारंभिक 'स्टेज 1' पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह 'स्टीटोहेपेटाइटिस' में बदल सकता है, जहां लिवर की कोशिकाएं मरने लगती हैं। अंतिम चरण में यह 'सिरोसिस' का रूप ले लेता है, जिसका एकमात्र समाधान लिवर ट्रांसप्लांट होता है। यह स्थिति अन्य अंगों जैसे किडनी और हृदय को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे जान का जोखिम बढ़ जाता है।


सुधार के उपाय

करें ये बदलाव


आपको रिफाइंड कार्ब्स की जगह साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।


दिन में कम से कम 30 मिनट टहलें या कार्डियो एक्सरसाइज करें, यह लिवर फैट को कम करने में मदद करता है।


बॉडी के कुल वजन का केवल 5-7% कम करने से भी लिवर की सूजन में कमी आ सकती है।


शराब लिवर कोशिकाओं के लिए हानिकारक होती है, इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए।


फैटी लिवर से बचाव

जानिए क्या करें


फैटी लिवर एक ऐसी बीमारी है, जिसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए पुरानी आदतों को छोड़ना होगा। अक्सर हम पेट के बाहरी घेरे की चिंता करते हैं, लेकिन शरीर के भीतर के महत्वपूर्ण 'फिल्टर' यानी लिवर को नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए अपनी जीवनशैली में सुधार करें। आपकी छोटी सी सावधानी आपको अस्पताल के चक्कर लगाने से बचा सकती है।