फ्रेंच फ्राइज: सेहत पर प्रभाव और सावधानियाँ
फ्रेंच फ्राइज का स्वास्थ्य पर प्रभाव
फ्रेंच फ्राइज एक लोकप्रिय फास्ट फूड है, जो स्वाद में लाजवाब है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए यह हानिकारक हो सकता है। इन्हें एक ही तेल में बार-बार तला जाता है, जिससे इनमें उच्च कैलोरी, संतृप्त वसा और अधिक मात्रा में नमक होता है। इसके अलावा, इनमें फूड कलर का उपयोग भी किया जाता है, जो बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है।
क्या फ्रेंच फ्राइज कैंसर का कारण बन सकते हैं?
बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल की क्लीनिकल न्यूट्रिशन विशेषज्ञ एडविना राज से इस विषय पर चर्चा की गई।
फ्रेंच फ्राइज का सेवन सिगरेट के धुएं से अधिक हानिकारक नहीं है। सिगरेट पीना कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों की पुरानी बीमारियों का प्रमुख कारण है। हालांकि, फ्रेंच फ्राइज को सीधे सिगरेट से नहीं जोड़ा जा सकता। जब इन्हें उच्च तापमान पर डीप फ्राई किया जाता है, तो शरीर में एक्रिलामाइड जैसे यौगिकों का स्तर बढ़ सकता है, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
फ्रेंच फ्राइज का सेवन करते समय ध्यान देने योग्य बातें
फ्रेंच फ्राइज का सेवन सीमित मात्रा में करें। हमेशा गोल्डन ब्राउन रंग के फ्राइज चुनें और अधिक डीप फ्राई से बचें।
फ्राइज में नमक, चीज़ और क्रीमी सॉस का उपयोग कम करें, क्योंकि ये सोडियम और कैलोरी बढ़ाते हैं।
बेक्ड फ्राइज का विकल्प चुनें और इन्हें साइड डिश के रूप में कम मात्रा में खाएं।
जो लोग मोटापे, डायबिटीज या उच्च रक्तचाप से ग्रसित हैं, उन्हें फ्रेंच फ्राइज से परहेज करना चाहिए।
बच्चों के लिए फ्रेंच फ्राइज का सेवन क्यों नहीं?
डॉक्टर बच्चों को फ्रेंच फ्राइज देने से मना करते हैं क्योंकि इनमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है और पोषण कम।
बार-बार फ्राइज देने से बच्चे फल, सब्जियां और साबुत अनाज से दूर हो सकते हैं।
डीप फ्राइड फूड में एक्रिलामाइड होता है, जो बच्चों के लिए हानिकारक है।
बच्चों को विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थ देना चाहिए।