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बच्चों और वयस्कों में मिट्टी या चॉक खाने की इच्छा: जानें इसके कारण और समाधान

क्या आपके बच्चे या आप खुद मिट्टी या चॉक खाने की इच्छा महसूस करते हैं? यह समस्या केवल बच्चों में ही नहीं, बल्कि वयस्कों में भी हो सकती है। जानें इसके पीछे के कारण, जैसे आयरन की कमी, और इसके समाधान के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। इस लेख में हम पाइका की स्थिति, इसके लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
 

बच्चों में मिट्टी या चॉक खाने की आदत

कई बार देखा जाता है कि छोटे बच्चे दीवार की पपड़ी, मिट्टी या चॉक का सेवन करते हैं। यह आदत सामान्य समझी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी का संकेत हो सकता है? यह समस्या कभी-कभी वयस्कों, विशेषकर महिलाओं में भी देखी जाती है। मिट्टी, कच्चा कोयला, चॉक या कागज जैसी असामान्य चीजें खाने की इच्छा उत्पन्न होती है।


पाइका: एक चिकित्सा स्थिति

इस स्थिति को चिकित्सा में 'पाइका' कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को इन चीजों का सेवन करने की इच्छा होती है, जिसमें कोई पोषण नहीं होता, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। पाइका का सबसे सामान्य कारण शरीर में आयरन की कमी है। जब हीमोग्लोबिन का स्तर गिरता है, तो मस्तिष्क असामान्य चीजों की ओर आकर्षित होता है। ऐसे में सतर्क रहना आवश्यक है।


क्या यह समस्या केवल बच्चों में होती है?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा गलत है कि केवल बच्चे ही मिट्टी या चॉक खाने की आदत रखते हैं। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति में हो सकती है, चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग। बड़े लोग अक्सर शर्म के कारण इसे छिपाते हैं, लेकिन यह एक शारीरिक समस्या है, जिसे पोषण के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।


चॉक या मिट्टी खाने की इच्छा के कारण

चॉक या मिट्टी खाने की इच्छा का मुख्य कारण शरीर में आयरन और कभी-कभी जिंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है। जब रक्त में आयरन का स्तर कम होता है, तो व्यक्ति की स्वाद ग्रंथियां प्रभावित होती हैं, जिससे चॉक का टेक्सचर और मिट्टी की खुशबू पसंद आने लगती है। यह मस्तिष्क की प्रतिक्रिया है, जो शरीर में चल रही कमी को दर्शाती है।


महिलाओं में समस्या का अधिक प्रचलन

महिलाओं में गर्भावस्था, मासिक धर्म और स्तनपान के दौरान आयरन की कमी आम है। भारत में महिलाओं में एनीमिया की समस्या अधिक पाई जाती है, जिसके कारण 'पाइका' के लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं। गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव और पोषक तत्वों की बढ़ती आवश्यकता भी चॉक या मिट्टी खाने की इच्छा को बढ़ा देती है। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


आयरन की कमी को पूरा करने के उपाय

विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे पहले अपने आयरन स्तर की जांच कराएं और आवश्यकता पड़ने पर सप्लीमेंट्स लें। इस कमी को प्राकृतिक रूप से पूरा करने के लिए अपनी डाइट में गुड़, अनार, किशमिश और खजूर जैसे फलों को शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां और पालक आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं, जो इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं।