बच्चों में लो ब्लड प्रेशर: कारण, लक्षण और उपचार
बच्चों में लो ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपोटेंशन कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है। यह स्थिति कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जैसे डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, और पोषण की कमी। इस लेख में, हम बच्चों में लो ब्लड प्रेशर के लक्षण, कारण और उपचार के सुझावों पर चर्चा करेंगे। माता-पिता को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
May 11, 2026, 13:36 IST
बच्चों में लो ब्लड प्रेशर की जानकारी
लो ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपोटेंशन भी कहा जाता है, बच्चों में एक आम समस्या है, हालांकि यह वयस्कों की तुलना में कम देखने को मिलती है। फिर भी, माता-पिता को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जो रक्त धमनियों की दीवारों पर पड़ता है। बच्चों में सामान्य ब्लड प्रेशर कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे उनकी उम्र, लिंग और लंबाई। इस लेख में, हम बच्चों में लो ब्लड प्रेशर के कारण, लक्षण और आवश्यक सुझावों पर चर्चा करेंगे।
बच्चों में सामान्य ब्लड प्रेशर के मानक
नवजात शिशुओं में सामान्य ब्लड प्रेशर 60/40 mmHg होता है। 1 से 5 साल के बच्चों के लिए यह 80/50 से 95/60 mmHg के बीच होता है, जबकि किशोरावस्था में यह 110/70 से 120/80 mmHg के बीच होता है।
लो ब्लड प्रेशर के कारण
डिहाइड्रेशन
बच्चों में लो ब्लड प्रेशर का एक प्रमुख कारण डिहाइड्रेशन है। जब शरीर में तरल पदार्थ की कमी होती है, तो ब्लड वॉल्यूम घटता है, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। यह स्थिति आमतौर पर उल्टी, दस्त, तेज बुखार या अत्यधिक पसीना आने पर होती है।
इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन
जब बच्चों के शरीर में पानी की कमी होती है, तो इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी हो सकता है। इससे हृदय को अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
संक्रमण
संक्रमण भी बच्चों में लो ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है, जिससे सेप्टिक शॉक जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
पोषण की कमी
यदि बच्चे की डाइट में पोषक तत्वों की कमी होती है, जैसे फोलेट और विटामिन बी12, तो इससे एनीमिया हो सकता है और ब्लड प्रेशर कम रह सकता है।
हृदय संबंधी समस्याएं
यदि बच्चे के दिल में जन्मजात छेद है या हृदय की मांसपेशियां कमजोर हैं, तो इससे ब्लड प्रेशर कम हो सकता है।
हार्मोनल समस्याएं
थायराइड या एड्रिनल ग्लैंड से जुड़ी समस्याएं भी बच्चों में लो ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती हैं।
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण
धुंधला दिखाई देना, चेहरे का रंग सफेद होना, हाथ-पैर ठंडे पड़ना, चक्कर आना, थकान, सांस लेने में कठिनाई, एकाग्रता में कमी, और बार-बार प्यास लगना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
लो ब्लड प्रेशर की जांच
मेडिकल हिस्ट्री
बच्चे की मेडिकल हिस्ट्री और दवाओं की जानकारी के आधार पर उपचार शुरू किया जाता है।
बीपी मॉनिटरिंग
बच्चे के बीपी की जांच विभिन्न स्थितियों में की जाती है।
ब्लड टेस्ट
ब्लड टेस्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चे का ब्लड प्रेशर क्यों कम है।
ईसीजी और इकोकार्डियोग्राम
हृदय की धड़कन और संरचना की जांच के लिए ये परीक्षण किए जाते हैं।
बच्चों में लो ब्लड प्रेशर के लिए सुझाव
डाइट
डॉक्टर की सलाह पर बच्चे की डाइट में नमक की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
हाइड्रेटेड रखें
बच्चे को हाइड्रेटेड रखना आवश्यक है। नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
छोटे मील दें
बच्चे को दिन में 5 से 6 बार छोटे मील देने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर से संपर्क करें
यदि बच्चे को सांस लेने में कठिनाई, काला मल, या बेहोशी की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।