×

बैठने की आदत से बचें: डीप वेन थ्रोम्बोसिस का खतरा

आजकल की जीवनशैली में लंबे समय तक बैठना एक सामान्य बात बन गई है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) एक गंभीर स्थिति है जो युवाओं को भी प्रभावित कर रही है। जानें कि यह बीमारी क्या है, इसके लक्षण और इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपनी आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।
 

बैठने की आदत और स्वास्थ्य पर प्रभाव


आजकल, लोगों की जीवनशैली में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। काम के बढ़ते दबाव के कारण, कई लोग ऑफिस में लगातार 8 से 9 घंटे अपनी डेस्क पर बैठे रहते हैं। यदि आप भी इनमें से एक हैं, तो आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठे रहने की आदत युवाओं में 'डीप वेन थ्रोम्बोसिस' (DVT) नामक बीमारी का खतरा बढ़ा रही है। इस विषय पर हमने मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. सुजीत नारायणन से चर्चा की, ताकि हम समझ सकें कि यह 'बैठने वाली बीमारी' (sitting disease) क्या है और यह आपके पैरों पर कैसे प्रभाव डालती है।


डीवीटी: एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या

DVT क्या है, और यह खतरनाक क्यों है?


डीवीटी एक ऐसी चिकित्सा स्थिति है जिसमें शरीर की गहरी नसों में खून के थक्के बनते हैं, जो आमतौर पर पैरों की नसों में होते हैं। यह तब गंभीर हो जाता है जब ये थक्के अपनी जगह से हटकर फेफड़ों तक पहुँच जाते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' कहा जाता है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।


यह चिंता का विषय है क्योंकि पहले यह समस्या मुख्य रूप से बुजुर्गों या उन मरीजों में देखी जाती थी जो सर्जरी के बाद लंबे समय तक बिस्तर पर रहते थे। लेकिन अब यह तेजी से युवाओं को भी प्रभावित कर रही है, खासकर 40 साल से कम उम्र के उन लोगों को जिनकी डेस्क जॉब है। इस आयु वर्ग में इसकी मौजूदगी की दर 10% से 25% तक है।


लंबे समय तक बैठे रहने का खून पर प्रभाव

लंबे समय तक बैठे रहने का खून पर क्या असर पड़ता है?


लगातार लंबे समय तक बैठे रहने का खून पर गहरा असर पड़ता है। खून के थक्के आमतौर पर तीन मुख्य कारणों से बनते हैं:


  • पैरों में सुन्नपन: बिना हिले-डुले घंटों तक बैठे रहने से पैरों की मांसपेशियाँ निष्क्रिय हो जाती हैं, जिससे खून जमा होने लगता है।

  • नसों पर दबाव: लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से नसों की अंदरूनी दीवारों पर दबाव पड़ता है।

  • खून का गाढ़ा होना: काम के दबाव, पर्याप्त पानी न पीने और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है।


आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं? डॉक्टरों ने इस जानलेवा स्थिति से बचने के लिए कुछ आसान जीवनशैली में बदलाव सुझाए हैं:


  • हर 60 मिनट में काम से ब्रेक लें; अपनी सीट से उठें और लगभग 5 मिनट टहलें।

  • पानी की कमी से खून गाढ़ा हो जाता है। अपनी डेस्क पर पानी की बोतल रखें और पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।

  • एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर रखकर बैठने से बचें, क्योंकि इससे खून का बहाव रुकता है।