भारत NCAP 2.0: नई सुरक्षा मानकों की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत NCAP 2.0 की घोषणा की है, जो अक्टूबर 2027 से लागू होगा। नए मानकों में न केवल गाड़ी के अंदर यात्रियों की सुरक्षा, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत गाड़ियों का परीक्षण तीन प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित होगा: हादसे से बचना, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, और हादसे के बाद राहत कार्य। 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए नए नियमों के अनुसार, कारों को 100 में से 70 अंक लाना अनिवार्य होगा।
Sep 7, 2026, 13:05 IST
भारत NCAP 2.0 की घोषणा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन में बताया कि सरकार भारत NCAP (BNCAP) के दूसरे चरण की योजना बना रही है।
यह नया भारत NCAP 2.0 प्रोग्राम अक्टूबर 2027 से लागू होगा। इसमें वाहन मूल्यांकन कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया जाएगा। नए चरण में केवल गाड़ी के अंदर बैठे यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आइए जानते हैं BNCAP 2.0 के तहत प्रस्तावित नए नियमों, क्रैश टेस्ट और 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के मानकों के बारे में।
क्रैश चेन की व्यापक जांच
पूरे क्रैश चेन की होगी जांच
गडकरी के अनुसार, BNCAP 2.0 में गाड़ियों का परीक्षण मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित होगा।
- हादसे से बचना (Crash Avoidance)- दुर्घटना रोकने वाली तकनीकों का मूल्यांकन।
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा (Pedestrian Protection)- दुर्घटना के दौरान सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा।
- हादसे के बाद राहत कार्य (Post-Crash Evacuation and Care)- दुर्घटना के बाद यात्रियों को गाड़ी से निकालने और आपातकालीन सहायता की सुविधा।
- सुझाव- नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को इस सुरक्षा कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने का आमंत्रण दिया है।
100 पॉइंट्स का नया ढांचा
100 पॉइंट्स का नया स्ट्रक्चर
नवंबर 2025 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने AIS-197 (रिवीजन1) के माध्यम से भारत NCAP के अगले चरण के लिए नियमों का प्रस्ताव रखा था। इसका मुख्य उद्देश्य कार सुरक्षा परीक्षण कार्यक्रम को अधिक विस्तृत और सख्त बनाना था। इस प्रस्तावित प्रणाली के तहत कारों को 5 क्षेत्रों के आधार पर 100 में से अंक दिए जाएंगे।
- क्रैश प्रोटेक्शन के लिए 55 अंक। पैदल यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए 20 अंक। सुरक्षित ड्राइविंग फीचर्स के लिए 10 अंक। हादसे से बचाने वाली तकनीक के लिए 10 अंक और हादसे के बाद की सुरक्षा के लिए 5 अंक का प्रावधान है।
5-स्टार रेटिंग की चुनौतियाँ
5 स्टार रेटिंग पाना काफी मुश्किल
- 2027 से नियम: 2027 से किसी भी कार को 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए 100 में से कम से कम 70 अंक लाना अनिवार्य होगा।
- 2029 से नियम- 2029 से न्यूनतम स्कोर बढ़ाकर 80 अंक कर दिया जाएगा।
- अनिवार्य फीचर्स- कार को स्टार रेटिंग पाने के लिए कर्टेन एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) को स्टैंडर्ड के रूप में शामिल करना आवश्यक होगा।
नए और कड़े क्रैश टेस्ट
नए और कड़े क्रैश टेस्ट
50 kph फुल-विड्थ फ्रंटल क्रैश टेस्ट पूरी चौड़ाई से टक्कर का परीक्षण है।
- तिरछे खंभे से टक्कर का टेस्ट 32 kph ओब्लिक पोल इम्पैक्ट टेस्ट है। इसकी स्पीड 29 kph से बढ़ाकर 32 kph की गई है।
- 50 kph रियर-इम्पैक्ट टेस्ट, पीछे से होने वाली टक्कर का परीक्षण है।