×

भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट में गिरावट: महंगाई का प्रभाव

आरबीआई ने भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव और बढ़ती महंगाई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का दीर्घकालिक प्रभाव अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। जानें इस स्थिति के बारे में और कैसे यह कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकता है।
 

आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ रेट को घटाया


आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत किया


GDP Growth Rate: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया में संकट का भारत की विकास दर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। पिछले तीन महीनों से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण, कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिससे महंगाई बढ़ रही है।


आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में महंगाई और रुपये की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारतीय जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण यह निर्णय लिया गया है।


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के दीर्घकालिक प्रभाव

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मई से अब तक पेट्रोल की कीमतों में 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी प्रभाव डालेगी।


महंगाई पर आरबीआई की चिंता

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि रिटेल महंगाई अभी भी लक्षित दायरे में है, लेकिन वैश्विक तनाव के कारण ईंधन और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें आगे चलकर खुदरा बाजार और आम जनता पर दबाव डाल सकती हैं। उन्होंने मानसून में कमी के अनुमान को लेकर भी चिंता व्यक्त की, जिसका सीधा असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार की फसल विविधीकरण योजनाएं इस प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं।