भारत में सनस्क्रीन की बढ़ती लोकप्रियता और नए उत्पादों का आगमन
सनस्क्रीन का बढ़ता उपयोग
भारत में, सनस्क्रीन अब केवल गर्मियों का उत्पाद नहीं रह गया है। हाल के वर्षों में, इसे खरीदने वाले परिवारों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। कंपनियां अब ऐसे सनस्क्रीन विकसित कर रही हैं जो न केवल धूप से सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि त्वचा की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं। वर्तमान में, टिंटेड सनस्क्रीन, SPF युक्त मेकअप उत्पाद और पुनः लागू किए जा सकने वाले सनस्क्रीन स्प्रे जैसे विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं।
नए उत्पादों की विविधता
भारत में सनस्क्रीन की मांग में वृद्धि के साथ, बाजार में कई नए उत्पाद भी आ रहे हैं। कुछ सनस्क्रीन हल्के रंग के होते हैं, जबकि अन्य मेकअप के साथ उपयोग किए जा सकते हैं। कुछ उत्पाद ऐसे हैं जिन्हें दिन में दोबारा लगाना आसान होता है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता अब ऐसे उत्पादों की तलाश कर रहे हैं जो एक साथ कई कार्य कर सकें। इसी कारण कंपनियां सनस्क्रीन को स्किनकेयर और मेकअप के साथ जोड़कर नए विकल्प पेश कर रही हैं।
खरीदारी में तीन गुना वृद्धि
4 साल में 3 गुना से ज्यादा बढ़ी खरीदारी
वर्ल्डपैनल बाय न्यूमरेटर के आंकड़ों के अनुसार, जून 2022 में भारत में लगभग 42 लाख घरों ने सनस्क्रीन खरीदी। यह संख्या जून 2026 तक बढ़कर 1.43 करोड़ हो गई। इस प्रकार, चार वर्षों में सनस्क्रीन खरीदने वाले घरों की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़ी है, जिसमें हर साल औसतन 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सनस्क्रीन उत्पादों में बदलाव
अब बदल रहे हैं सनस्क्रीन के प्रोडक्ट
कंपनियां अब ऐसे सनस्क्रीन बना रही हैं जो केवल धूप से सुरक्षा नहीं देते, बल्कि त्वचा की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं। इनमें टिंटेड सनस्क्रीन, SPF युक्त मेकअप और आसानी से पुनः लागू किए जा सकने वाले सनस्क्रीन शामिल हैं। Mintel की रिपोर्ट के अनुसार, टिंटेड सनस्क्रीन और SPF वाले मेकअप उत्पादों पर ध्यान बढ़ रहा है। टिंटेड सनस्क्रीन में हल्का रंग होता है, जो सनस्क्रीन लगाने के साथ-साथ चेहरे पर हल्का कवरेज भी प्रदान करता है।
कंपनियां ऐसे सनस्क्रीन पर भी ध्यान दे रही हैं जिन्हें दिन में आसानी से दोबारा लगाया जा सके। मेकअप के ऊपर लगाए जा सकने वाले सनस्क्रीन स्प्रे इसका एक उदाहरण हैं। Euromonitor की रिपोर्ट में भी टिंटेड SPF 50 और आसानी से पुनः लागू किए जा सकने वाले स्प्रे जैसे उत्पादों में हो रहे बदलाव का उल्लेख है। Euromonitor के अनुसार, भारत में 2025 के दौरान सन केयर बाजार की बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 25.8 अरब रुपये हो गई। सन केयर में सनस्क्रीन के अलावा आफ्टरसन और धूप से बचाव वाले अन्य उत्पाद भी शामिल होते हैं।