भारतीय सुपरफूड्स: देसी खाद्य पदार्थों की बढ़ती लोकप्रियता
सुपरफूड का नया अर्थ
आजकल सोशल मीडिया और स्वास्थ्य संबंधित वेबसाइटों पर 'सुपरफूड' शब्द का प्रचलन बढ़ गया है। चिया बीज, क्विनोआ, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे खाद्य पदार्थों को लंबे समय से स्वास्थ्यवर्धक माना जाता रहा है, लेकिन अब लोग भारत में प्रचलित कई पारंपरिक खाद्य पदार्थों की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि इनमें से कई चीजें हमारे घरों में दादी-नानी के समय से उपयोग में लाई जाती रही हैं, जैसे बाजरा, रागी, ज्वार, आंवला, मखाना और सहजन के पत्ते। इसका मतलब है कि जो खाद्य पदार्थ हम रोजाना खाते हैं, उन्हें अब दुनिया पोषण और स्वास्थ्यवर्धक आहार के दृष्टिकोण से देख रही है।
बाजरा, रागी और ज्वार की वापसी
भारत में बाजरा, रागी और ज्वार कोई नई चीजें नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इनसे रोटी, खिचड़ी और अन्य व्यंजन बनाए जाते रहे हैं। अब इन्हें मिलेट्स के नाम से वैश्विक पहचान मिल रही है। FAO के अनुसार, मिलेट्स में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और कई खनिज होते हैं। विभिन्न मिलेट्स में पोषक तत्वों की मात्रा भिन्न होती है।
इनमें से कई मिलेट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स सामान्य रिफाइंड अनाज की तुलना में कम हो सकता है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि यहां कई प्रकार के मिलेट्स उगाए जाते हैं। FAO के अनुसार, भारत मिलेट्स का सबसे बड़ा उत्पादक है। यानि, जो बाजरे की रोटी कभी साधारण भोजन मानी जाती थी, वही अब स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के रूप में चर्चा में है।
आंवला: पोषण का खजाना
आंवला भी भारतीय घरों में एक पुराना खाद्य पदार्थ है। इसे अचार, चटनी, मुरब्बा और अन्य तरीकों से खाया जाता है। अब आंवला स्वास्थ्य और पोषण की चर्चा में भी महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है। इसमें विटामिन सी और पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक होते हैं। आंवले पर की गई कुछ रिसर्च में रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आंवला डायबिटीज या उच्च कोलेस्ट्रॉल का इलाज है।
सहजन के पत्ते: मोरिंगा
सहजन की फली की सब्जी भारत में आम है, लेकिन अब सहजन के पत्ते, जिन्हें मोरिंगा कहा जाता है, भी वैश्विक स्तर पर चर्चा में हैं। कई स्थानों पर इसके पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है, जिसे शेक, सूप और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है। FAO के अनुसार, मोरिंगा भारत और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाया जाने वाला पौधा है। इसके पत्तों और फलियों का उपयोग खाद्य पदार्थों में किया जाता है।
मखाना: हेल्दी स्नैक
मखाना, जिसे फॉक्स नट्स भी कहा जाता है, भारतीय घरों में लंबे समय से खाया जाता है। व्रत के दौरान इसकी सब्जी और खीर बनाई जाती है, और कई लोग इसे भूनकर भी खाते हैं। अब मखाना हेल्दी स्नैक के रूप में अधिक लोकप्रिय हो रहा है। इसकी एक वजह यह है कि इसे आसानी से भूनकर खाया जा सकता है। यह चिप्स जैसे पैकेट वाले स्नैक्स का एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि मखाना कितना हेल्दी रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे कैसे तैयार किया गया है।
हल्दी: 'गोल्डन स्पाइस'
हल्दी भारतीय रसोई की एक पुरानी सामग्री है, जिसका उपयोग सब्जियों से लेकर दूध तक में किया जाता है। विदेशों में भी हल्दी और उसमें मौजूद करक्यूमिन के प्रति रुचि बढ़ी है। कई स्थानों पर हल्दी वाला दूध भी काफी पसंद किया जाने लगा है।
देसी खाद्य पदार्थों की बढ़ती लोकप्रियता
इन देसी खाद्य पदार्थों की बढ़ती लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह है कि लोग अब स्वास्थ्यवर्धक खाने के साथ-साथ ऐसी चीजें भी खोज रहे हैं जो आसानी से उपलब्ध हों। मिलेट्स जैसे अनाज पोषण के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। FAO के अनुसार, मिलेट्स उन क्षेत्रों में भी उगाए जा सकते हैं जहां खेती के लिए आदर्श परिस्थितियां नहीं होतीं। अन्य फसलों की तुलना में इन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए, इनका महत्व केवल भोजन तक सीमित नहीं है।
दूसरी ओर, भारत में इन खाद्य पदार्थों की कोई कमी नहीं है। हमारी रसोई में पहले से मौजूद कई चीजों में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और खनिज होते हैं। इसलिए, स्वास्थ्यवर्धक भोजन के लिए हर बार महंगी विदेशी चीजें खरीदना आवश्यक नहीं है।