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महिलाओं की लंबी उम्र के पीछे के कारण: एक गहन विश्लेषण

क्या आपने कभी सोचा है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक क्यों जीती हैं? इस लेख में हम जानेंगे कि जैविक, पेशेवर और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कौन से कारक इस भिन्नता को प्रभावित करते हैं। हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की औसत जीवन प्रत्याशा पुरुषों से लगभग सात वर्ष अधिक है। जानें कि कैसे पेशेवर जोखिम, दिल की बीमारियाँ और मानसिक स्वास्थ्य इस अंतर में योगदान करते हैं।
 

महिलाओं की जीवन प्रत्याशा: एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य


दुनिया के विभिन्न देशों में यह देखा गया है कि औसतन महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहती हैं। आंकड़ों के अनुसार, 65 वर्ष और उससे अधिक आयु की जनसंख्या में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक होती है, और यह अंतर उम्र के साथ बढ़ता है। हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर महिलाओं की औसत जीवन प्रत्याशा पुरुषों से लगभग सात वर्ष अधिक है। यह भिन्नता क्यों है? इसका उत्तर जैविक और जीवनशैली से संबंधित कई कारकों के संयोजन में छिपा है।


इस भिन्नता के पीछे के कारण

हार्वर्ड हेल्थ के विशेषज्ञों के अनुसार, यह भिन्नता बचपन से ही शुरू होती है। अनुसंधान से पता चलता है कि निर्णय लेने और कार्यों के परिणामों को समझने के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क का हिस्सा लड़कों में लड़कियों की तुलना में थोड़ी देर से विकसित होता है। यही कारण है कि युवा लड़के जोखिम भरे कार्यों में अधिक संलग्न होते हैं, जिससे उन्हें जानलेवा घटनाओं और हिंसक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।


पेशेवर विकल्प: एक महत्वपूर्ण कारक

पुरुषों की कम जीवन प्रत्याशा का एक प्रमुख कारण उनके पेशेवर चुनाव को माना जाता है। सेना, अग्निशामक सेवाओं, निर्माण और अन्य खतरनाक क्षेत्रों में पुरुषों की संख्या अधिक होती है। ऐसे क्षेत्रों में कार्य करने से स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े जोखिम बढ़ जाते हैं, जो जीवन प्रत्याशा पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।


दिल की बीमारियों का प्रभाव

दिल की बीमारियाँ भी जीवन प्रत्याशा के अंतर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पुरुषों में दिल की बीमारी से मृत्यु की संभावना महिलाओं की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक होती है। इसके पीछे हार्मोनल अंतर, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर और स्वास्थ्य की अनदेखी करने की प्रवृत्ति जैसे कई कारण हो सकते हैं।


मानसिक स्वास्थ्य में पुरुषों की स्थिति

मानसिक स्वास्थ्य के मामले में भी पुरुष अक्सर पीछे रह जाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों में आत्महत्या की दर महिलाओं की तुलना में अधिक होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई पुरुष गंभीर मानसिक समस्याओं के बावजूद पेशेवर सहायता लेने से हिचकिचाते हैं। इसके अलावा, कुछ सामाजिक मानदंड और कलंक पुरुषों को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने से रोकते हैं, जो उनकी समग्र स्वास्थ्य और खुशहाली पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।


अनुसंधान यह भी दर्शाता है कि महिलाओं के सामाजिक संबंध आमतौर पर पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं। परिवार, दोस्तों और सामाजिक दायरे के लोगों के साथ संबंध बनाए रखना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इसके विपरीत, सामाजिक अलगाव में रहने वाले व्यक्तियों में मृत्यु दर अधिक होती है, जो पुरुषों में अधिक सामान्य है।