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मोहाली में जलभराव के कारण करंट लगने से युवक की मौत

मोहाली में एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई, जब वह बारिश के दौरान साइकिल से जा रहा था। यह घटना बिजली के तारों की अव्यवस्था को उजागर करती है, जिसके लिए हाईकोर्ट ने पहले ही चेतावनी दी थी। युवक लगभग एक घंटे तक जलभराव में पड़ा रहा, जिससे सवाल उठते हैं कि इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और हाईकोर्ट की सख्ती का क्या असर हुआ।
 

चंडीगढ़ में बिजली के तारों से हादसों का सिलसिला जारी

चंडीगढ़ और उसके आस-पास के क्षेत्रों में झूलते बिजली के तारों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में, मोहाली के नया गांव में एक युवक की जान बारिश के दौरान करंट लगने से चली गई। यह युवक सुबह 5 बजे साइकिल लेकर अपने काम के लिए निकला था। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद, अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है।


एक घंटे तक पानी में पड़ा रहा युवक

युवक जलभराव और खंभे पर खुले तारों के संपर्क में आ गया, जिससे उसे करंट लगा। वह लगभग एक घंटे तक साइकिल के साथ पानी में पड़ा रहा। इस घटना ने नया गांव में बिजली की अव्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।


हाईकोर्ट की सख्ती का कोई असर नहीं

चंडीगढ़, नयागांव और आसपास के क्षेत्रों में खुले और खतरनाक बिजली के तारों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। हाल ही में, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि यदि खुले तारों से मौतें होती हैं, तो वे जिम्मेदार होंगे। लेकिन इस आदेश का कोई असर नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप शुक्रवार को यह दुखद घटना हुई।


जनहित याचिका दाखिल की गई

लगभग एक महीने पहले, नयागांव के विकासनगर में एक आठ वर्षीय बच्ची की करंट से मौत के बाद पार्षद भूपिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय की पीएचडी शोधार्थी ज्योति की करंट से मौत का भी उल्लेख किया था, जो 28 जुलाई को हुई थी।


हाईकोर्ट ने बिजली अधिकारियों को दी चेतावनी

हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ और मोहाली के बिजली अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को इस तरह से दुरुस्त किया जाए कि किसी भी व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े।