यूट्यूब के नए एआई फीचर्स से शॉर्ट्स बनाना होगा आसान
यूट्यूब ने अपने रिमिक्स गैलरी में दो नए एआई फीचर्स जोड़ने की घोषणा की है, जो वीडियो निर्माताओं के लिए शॉर्ट्स बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाएंगे। पहला फीचर 'एड ऑब्जेक्ट' है, जो क्रिएटर्स को 8 सेकंड की क्लिप में एआई द्वारा निर्मित ऑब्जेक्ट जोड़ने की अनुमति देगा। दूसरा फीचर 'रिइमेजिन' एक साधारण फ्रेम को नए एआई वीडियो में बदल देगा। ये फीचर्स वर्तमान में अंग्रेजी में परीक्षण में हैं और यदि सफल होते हैं, तो इन्हें अन्य भाषाओं में भी लाया जाएगा।
Mar 3, 2026, 15:09 IST
यूट्यूब के नए एआई टूल्स
वीडियो निर्माताओं के लिए एक सकारात्मक समाचार है। यूट्यूब अपनी रिमिक्स गैलरी में दो नए एआई फीचर्स को शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे शॉर्ट्स बनाना और भी सरल हो जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन टूल्स की सहायता से वीडियो संपादन में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और क्रिएटर्स सीधे प्लेटफॉर्म पर बदलाव कर सकेंगे।
पहला फीचर ‘एड ऑब्जेक्ट’ के नाम से जाना जाएगा। इसके माध्यम से कोई भी क्रिएटर 8 सेकंड की शॉर्ट्स क्लिप में एआई द्वारा निर्मित किसी भी ऑब्जेक्ट को जोड़ सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई उपयोगकर्ता पार्क में चलने का वीडियो बना रहा है, तो वह बैकग्राउंड में डायनासोर, उड़ती हुई कार या अन्य काल्पनिक दृश्य जोड़ सकता है। इसके लिए किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होगी।
दूसरा फीचर ‘रिइमेजिन’ है, जो एक साधारण फ्रेम को पूरी तरह से नए एआई वीडियो में परिवर्तित कर देगा। उपयोगकर्ता को केवल एक प्रॉम्प्ट लिखना होगा, जैसे ‘इसे मार्स ग्रह पर दिखाओ’। उल्लेखनीय है कि संदर्भ के लिए दो फोटो भी अपलोड की जा सकेंगी। यूट्यूब द्वारा सुझाए गए प्रॉम्प्ट्स भी उपलब्ध होंगे ताकि नए क्रिएटर्स को सहायता मिल सके।
यूट्यूब ने ऑरिजनल कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। एआई से निर्मित हर रिमिक्स वीडियो को मूल वीडियो से जोड़ा जाएगा, जिससे असली क्रिएटर को क्रेडिट और ट्रैफिक प्राप्त होता रहेगा। इसके अलावा, यदि कोई अपने वीडियो का एआई रिमिक्स नहीं चाहता, तो वह सेटिंग्स में जाकर रिमिक्सिंग विकल्प को बंद कर सकता है।
वर्तमान में, यह फीचर अंग्रेजी भाषा के क्रिएटर्स के साथ परीक्षण में है। यदि यह सफल होता है, तो 2026 के अंत तक इसे हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शॉर्ट्स को इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉक जैसे प्लेटफार्मों के मुकाबले नई बढ़त प्रदान कर सकता है और एआई आधारित कंटेंट निर्माण को एक नई दिशा दे सकता है।