रक्षाबंधन 2026: क्या पत्नी अपने पति को बांध सकती है राखी? जानें सही नियम
रक्षाबंधन का पर्व और इसकी तिथि
नई दिल्ली: भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 28 अगस्त को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। अक्सर ऐसा होता है कि जब दूर रहने वाली बहन की भेजी राखी समय पर नहीं पहुंचती या वह किसी कारणवश घर नहीं आ पाती, तो यह सवाल उठता है कि क्या पत्नी अपने पति की कलाई पर राखी बांध सकती है। धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी।
राखी न पहुंचने पर क्या करें?
बहन की राखी न पहुंचने पर अपनाएं ये विकल्प
यदि बहन की भेजी राखी समय पर नहीं आती या वह खुद नहीं आ पाती, तो ऐसे में पत्नी से राखी बंधवाने के बजाय पति स्वयं उस रक्षा सूत्र को अपनी कलाई पर बांध सकता है। परिवार में मौजूद चाचा, ताऊ या मौसी की बेटियों से भी राखी बंधवाई जा सकती है। इससे रक्षाबंधन का धार्मिक संकल्प भी पूरा होता है और रिश्तों की गरिमा भी बनी रहती है।
क्या पत्नी अपने पति को राखी बांध सकती है?
क्या पत्नी बांध सकती है पति को राखी?
धार्मिक मामलों के विशेषज्ञ आचार्य मदनमोहन के अनुसार, रक्षाबंधन की पावन परंपरा बहन और भाई के रिश्ते की पवित्रता से जुड़ी है। इसलिए पत्नी द्वारा अपने पति की कलाई पर राखी या किसी भी प्रकार का रक्षा सूत्र बांधना शास्त्र सम्मत नहीं है। उनका मानना है कि इस नियम का उल्लंघन दांपत्य जीवन में तनाव और कलह का कारण बन सकता है। हालांकि, विद्वानों का कहना है कि इन मान्यताओं को केवल परंपरा और व्यक्तिगत आस्था के दृष्टिकोण से देखना चाहिए, लेकिन परंपरा का सही पालन करना ही कल्याणकारी होता है।
रक्षाबंधन 2026 का शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन 2026 का शुभ मुहूर्त और भद्रा काल की स्थिति
वर्ष 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार की खास बात यह है कि भद्रा काल सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा, जिससे पूरे दिन पूजा-पाठ और राखी बांधने के लिए शुभ वातावरण रहेगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। इस दिन राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से लेकर सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। इस अवधि में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना कर सकती हैं।