रतन टाटा: एक प्रेरणादायक उद्योगपति की कहानी
रतन टाटा का योगदान
रतन टाटा भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक माने जाते हैं। वे टाटा ग्रुप के पहले चेयरमैन रहे और न केवल व्यापार जगत में, बल्कि आम जनता के दिलों में भी एक विशेष स्थान बनाया। 1991 से 2012 तक, उन्होंने टाटा संस का नेतृत्व किया। उनकी अगुवाई में, टाटा ग्रुप ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने जगुआर लैंड रोवर, कोरस और टेटली टी जैसे कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण किए। उनका एक बड़ा सपना था कि वे आम भारतीय परिवारों को सुरक्षित और सस्ती यात्रा का साधन प्रदान करें। इसी उद्देश्य से, उन्होंने टाटा नैनो को लॉन्च किया। हालांकि यह व्यावसायिक रूप से सफल नहीं हो पाई, लेकिन इसने उनकी 'आम आदमी के लिए कुछ करने' की भावना को दर्शाया। रतन टाटा अपनी सरलता और विनम्रता के लिए प्रसिद्ध थे। अरबपति होने के बावजूद, उन्होंने एक साधारण जीवनशैली अपनाई। उन्हें कॉर्पोरेट नैतिकता का एक बड़ा समर्थक माना जाता था।
चैरिटी और सम्मान
टाटा ग्रुप की आय का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 66%, टाटा ट्रस्ट के माध्यम से चैरिटी में दान किया जाता है। रतन टाटा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने कैंसर के उपचार के लिए कई अस्पतालों का निर्माण कराया। भारत सरकार ने उन्हें 2000 में पद्म भूषण और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। 9 अक्टूबर, 2024 को 86 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके निधन पर, पूरे देश ने एक ऐसी महान शख्सियत को खोने का दुख मनाया, जिसे 'भारत का अनमोल रत्न' माना जाता था। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।
प्रेरणादायक विचार
रतन टाटा के प्रेरणादायक उद्धरण
मैं सही फैसले लेने में विश्वास नहीं करता। मैं फैसले लेता हूं और फिर उन्हें सही साबित कर देता हूं।
आलोचनाएं सबसे बड़ी शिक्षक हैं। इनसे डरकर नहीं, इनका सामना करके ही आगे बढ़ सकते हैं।
चुनौतियां सीखने का मौका हैं। जिसने हार नहीं मानी, जीत उसी की हुई।
आपकी सफलता इस बात में छिपी है कि आप कितना नया सोचते और क्रिएट करते हैं।
असली अमीरी कभी भी अमीर होने का दिखावा नहीं करती। वो विनम्र होती है।
आपका जीवन उतार-चढ़ाव से भरा हुआ होता है, इसकी आदत बना लो।
हम लोग इंसान हैं कोई कम्प्यूटर नहीं, इसलिए जीवन का मजा लीजिये, इसे हमेशा गंभीर मत बनाइये।
कोई भी लोहे को नष्ट नहीं कर सकता, लेकिन इसकी खुद की ही जंग इसे नष्ट कर देती है।