रोजाना शराब का सेवन: स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव
शराब का सेवन और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम
नई दिल्ली - प्रतिदिन केवल एक शराब की ड्रिंक भी आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। यह न केवल ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, बल्कि कोलेस्ट्रॉल स्तर में भी वृद्धि कर सकता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
हाल ही में 'हाइपरटेंशन' नामक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के 19,548 से अधिक व्यक्तियों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया गया कि शराब के सेवन और ब्लड प्रेशर में वृद्धि के बीच क्या संबंध है। शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब की मात्रा और ब्लड प्रेशर के बीच एक सीधा संबंध है। जैसे-जैसे शराब का सेवन बढ़ता है, सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में भी वृद्धि होती है।
अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, कम मात्रा में शराब पीने वालों में भी ब्लड प्रेशर में हल्की लेकिन निरंतर वृद्धि देखी गई। इसका अर्थ है कि भले ही प्रारंभिक स्तर पर यह परिवर्तन नगण्य लगे, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ा सकता है। यह स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि पुरुषों में डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में वृद्धि हुई, जबकि महिलाओं में यह प्रभाव स्पष्ट नहीं था।
अध्ययन के प्रमुख लेखक प्रोफेसर मार्को विंसेटी ने कहा कि उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि कम मात्रा में शराब का सेवन भी रक्तचाप में नकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा, "हमें कम स्तर पर शराब पीने से कोई लाभकारी प्रभाव नहीं मिला, जब इसकी तुलना शराब न पीने वालों से की गई।"
प्रोफेसर विंसेटी ने यह भी बताया कि शराब केवल ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाला एकमात्र कारण नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है। इसलिए, उन्होंने सलाह दी कि शराब का सेवन सीमित किया जाना चाहिए और यदि संभव हो तो इसे पूरी तरह से टालना बेहतर है। ट्यूलाने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पॉल व्हेलन ने कहा कि जिन प्रतिभागियों का प्रारंभिक ब्लड प्रेशर पहले से ही थोड़ा बढ़ा हुआ था, उनमें शराब के प्रभाव अधिक स्पष्ट थे।
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार, सामान्य वयस्कों में उच्च रक्तचाप 140/90 एमएमएचजी या उससे अधिक माना जाता है। अध्ययन में पाया गया कि लगभग 12 ग्राम शराब प्रतिदिन लेने वालों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 1.25 एमएमएचजी तक बढ़ गया। वहीं, जो लोग प्रतिदिन लगभग 48 ग्राम शराब का सेवन करते थे, उनमें ब्लड प्रेशर में औसतन 4.9 एमएमएचजी तक की वृद्धि देखी गई। इसके अलावा, इस मात्रा का सेवन करने वाले पुरुषों में डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में भी लगभग 3.1 एमएमएचजी की वृद्धि दर्ज की गई।
गिब्लिन ने यह भी बताया कि केवल शराब ही नहीं, बल्कि अन्य कई जीवनशैली कारक भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित करते हैं। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान छोड़ना, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना और शरीर का वजन संतुलित रखना—ये सभी उपाय हृदय रोगों और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायक होते हैं।