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वजन घटाने की दवाओं का सुरक्षित उपयोग: जानें आवश्यक बातें

वजन घटाने की दवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इनका उपयोग सावधानी से करना आवश्यक है। जानें कि कौन से डॉक्टर इन दवाओं का पर्चा लिख सकते हैं, किन शर्तों पर दवा मिलती है, और इनका सुरक्षित उपयोग कैसे किया जाए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, बिना चिकित्सकीय परामर्श के इन दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस लेख में हम इन दवाओं के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कर रहे हैं।
 

वजन घटाने की दवाओं की बढ़ती मांग

हाल के समय में मोटापे की समस्या के बढ़ने के साथ वजन घटाने वाली दवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ी है। लोग अब जिम और डाइट के अलावा इन दवाओं का सहारा लेने लगे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि ये दवाएं सामान्य दर्द निवारक की तरह नहीं हैं। इनका सेवन करने से पहले पूरी मेडिकल जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। गलत तरीके से इनका उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं कि इन दवाओं को कौन लिख सकता है और किन शर्तों का पालन करना आवश्यक है।


कौन से डॉक्टर लिखते हैं पर्चा?

वजन घटाने की दवाओं के लिए सबसे पहले एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, यानी हार्मोन विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। मोटापे का संबंध अक्सर हार्मोन असंतुलन से होता है, इसलिए ये डॉक्टर इस मामले में सबसे अधिक सक्षम होते हैं। इसके अलावा, बेरियाट्रिक फिजिशियन और अनुभवी जनरल फिजिशियन भी मरीज की स्थिति के अनुसार दवाएं लिख सकते हैं। जिम ट्रेनर या बिना मेडिकल डिग्री वाले किसी व्यक्ति के कहने पर इन दवाओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।


पर्चे से पहले जरूरी जांच

डॉक्टर दवा लिखने से पहले मरीज का संपूर्ण मेडिकल चेकअप करते हैं। ब्लड टेस्ट के माध्यम से शुगर, कोलेस्ट्रॉल और लिवर की स्थिति की जांच की जाती है। थायरॉइड प्रोफाइल भी आवश्यक है, क्योंकि थायरॉइड की समस्याएं वजन बढ़ाने का एक बड़ा कारण हो सकती हैं। डॉक्टर बीएमआई की गणना करते हैं और ब्लड प्रेशर की निगरानी करते हैं। कुछ मामलों में, दिल की सेहत का पता लगाने के लिए ईसीजी भी किया जाता है।


किन शर्तों पर मिलती है दवा?

ये दवाएं सभी को नहीं दी जातीं। पहली शर्त यह है कि बीएमआई 30 से अधिक हो या 27 से अधिक होने के साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी हों। दूसरी शर्त यह है कि मरीज ने पहले डाइट और व्यायाम से वजन कम करने की पूरी कोशिश की हो। डॉक्टर तभी दवा शुरू करते हैं जब प्राकृतिक तरीकों से लाभ नहीं हो रहा हो। मरीज को दवा के साथ स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने का वादा भी करना पड़ता है।


सावधानी बरतना बहुत जरूरी

वजन घटाने वाली दवाएं कोई जादुई इलाज नहीं हैं। इनके साइड इफेक्ट्स जैसे पेट की समस्या, जी मिचलाना या घबराहट हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर नियमित फॉलो-अप करते हैं। यदि कुछ हफ्तों में असर न दिखे या कोई परेशानी हो, तो दवा बदल दी जाती है। बिना चिकित्सकीय सलाह के इन दवाओं का उपयोग किडनी और हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है। हमेशा विशेषज्ञ की देखरेख में ही इनका उपयोग करें।